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वादा अधूरा, कर्मचारियों का गुस्सा फूटा! कबीरधाम में 700 कर्मचारी हड़ताल पर, धान खरीदी बहिष्कार का ऐलान

CG Dhan Kharidi: राज्य सरकार की उदासीनता पर नाराज़गी जताते हुए चार सूत्रीय लंबित मांगों की पूर्ति न होने पर धान खरीदी के बहिष्कार और अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की है।
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कवर्धा

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Shradha Jaiswal

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Updated: 24 Oct 2025, 4:36 PM IST

वादा अधूरा, कर्मचारियों का गुस्सा फूटा! कबीरधाम में 700 कर्मचारी हड़ताल पर, धान खरीदी बहिष्कार का ऐलान(photo-patrika)

वादा अधूरा, कर्मचारियों का गुस्सा फूटा! कबीरधाम में 700 कर्मचारी हड़ताल पर, धान खरीदी बहिष्कार का ऐलान(photo-patrika)

CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने राज्य सरकार की उदासीनता पर नाराज़गी जताते हुए चार सूत्रीय लंबित मांगों की पूर्ति न होने पर धान खरीदी के बहिष्कार और अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की है। दोनों संगठनों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

संगठन ने बताया कि प्रदेश की 2058 सहकारी समितियां और 2739 उपार्जन केंद्र किसानों को धान खरीदी की सेवा दे रहे हैं, लेकिन परिवहन की प्रक्रिया समय पर न होने से समितियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मार्कफेड द्वारा भुगतान में कटौती, सुरक्षा और कमीशन राशि का रोका जाना और मिलर द्वारा समय पर धान न उठाने की पेनाल्टी स्वयं लेना जैसी व्यवस्थाओं के कारण समितियों को बड़ी परेशानी हो रही है।

CG Dhan Kharidi: कबीरधाम जिले 700 कर्मचारी हड़ताल पर

इससे समितियों के कर्मचारियों को नियमित वेतन नहीं मिल पा रहा है जिससे सहकार से समृद्धि का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है।कर्मचारियों का कहना है कि यह आंदोलन उनके उज्जवल भविष्य और न्यायसंगत हक की लड़ाई है। उन्होंने शासन से अपील की है कि लंबित चार सूत्रीय मांगों पर कैबिनेट की बैठक में शीघ्र निर्णय लेकर आंदोलन टालने का अवसर दिया जाए।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि नवंबर 2024 में आंदोलन के दौरान मुयमंत्री स्तर पर बैठक हुई थी और 12 दिसंबर 2024 को खाद्य विभाग ने वित्त विभाग को पत्र भेजकर धान सुखत राशि के भुगतान का प्रस्ताव दिया था। परंतु अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। इसके अलावा 11 नवंबर 2024 और 25 फरवरी 2025 को भी शासन को पत्र लिखे गए, लेकिन मांगें अब तक लंबित हैं।

मुख्य चार सूत्रीय मांगें

धान खरीदी वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की संपूर्ण सुखत राशि समितियों को प्रदान की जाए। साथ ही परिवहन में विलंब रोकने के लिए हर सप्ताह संपूर्ण धान परिवहन सुनिश्चित किया जाए। धान खरीदी में ’शॉर्टेज प्रोत्साहन, कमीशन, सुरक्षा व्यय बढ़ाने और मध्यप्रदेश की तर्ज पर उचित मूल्य विक्रेताओं को 3000 प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की गई है। खरीदी अधिकारी को परिवहन और सुखत की जवाबदेही लिखित रूप में तय की जाए। धान खरीदी नीति 2024-25 की कंडिका 11.3.3 के तहत आउटसोर्सिंग से कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति समाप्त कर विभागीय रूप से नियमितिकरण किया जाए।

जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ कबीरधाम के अध्यक्ष घनश्याम चंद्रवंशी ने बताया कि इस आंदोलन में प्रदेश के लगभग 15 हजार 800 सहकारी समिति कर्मचारी और 2739 उपार्जन केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल होंगे। कबीरधाम जिला से इस आंदोलन और ज्ञापन रैली में पूरे जिले के समिति कर्मचारी समिति प्रबंधक, लिपिक, कंप्यूटर ऑपरेटर, विक्रेता, चौकीदार सहित समस्त कर्मचारी शामिल होंगे जिनकी संया लगभग 700 है। इस दौरान समिति में सभी प्रकार के ऑनलाइन और ऑफ लाइन काम बंद रहेगा।

आंदोलन की रूपरेखा तय हो चुकी…

24 अक्टूबर 2025 को सभी 33 जिलों में जिला स्तरीय ज्ञापन रैली निकालकर कलेक्टर को मुयमंत्री, सहकारिता मंत्री और खाद्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

28 अक्टूबर 2025 को रायपुर में प्रदेश स्तरीय श्महा हुंकार रैली, प्रेस व मीडिया कॉन्फ्रेंस के साथ आयोजित होगी।

3 से 11 नवंबर 2025 संभाग स्तरीय अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

12 नवंबर 2025 से आगे कैबिनेट निर्णय तक राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।