29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सीएम शिवराजसिंह चौहान का दिल पसीजा: खेत में जिंदा डूबी मासूम को 4 लाख की सहायता

मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर 193 मीटर बढ़ाए जाने से बालिका डूब गई थी। जिसके बाद सीएम शिवराजसिंह ने तत्काल अफसरों को खेतों में दौड़ाया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

खंडवा

•

image

Sanjay Kumar Dubey

•

Updated: 29 Sep 2017, 9:52 AM IST

MP CM shivraj singh chouhan helf Khandwa water drown in 3 year old

MP CM shivraj singh chouhan helf Khandwa water drown in 3 year old

खंडवा. ओंकारेश्वर बांध के डूब में आने से पांच गांव टापू बन गए हंै। इन गांवों में शामिल एखंड की ढाई साल की बालिका की मौत बुधवार को हो गई। इस पर गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और परिजन से मुलाकात की। परिजन ने बयान दर्ज करने के बाद प्रशासन ने मुख्यमंत्री आपदा सहायता से चार लाख रुपए परिजन को देने का आदेश दिया।। घोगल गांव, एखंड, टौंकी और कामनखेड़ा गांवों के रास्तों में पानी भरने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। लोग किसी तरह पानी से होकर बाहर निकल रहे हैं।

फसल बोई थी जहां, बेटी का शव उठाया वहां से
पानी भी अब पौने तीन मीटर के बाद जाकर रूक गया है। गांवों के किनारे लगे पानी से ग्रामीणों को अब संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया पानी रूकने से बदबू आने लगी है। इससे मच्छरों और अन्य जीव जन्तुओं के पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है हम लोगों ने पैसे भी वापस कर दिए और एनएचडीसी वार्ता करने को भी तैयार नहीं है। एेसे में हम लोग ठगा सा महसूस कर रहे हैं। अधिकारी यदि वार्ता नहीं करते हैं और मुआवजा नहीं देते हैं तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

ग्रामीणों ने दी शिवराजसिंह को चेतावनी
गांव के अजय गोस्वामी ने बताया कि एखंड गांव की रतन की ढाई साल की बेटी सुनीता घर के आसपास खेल रही थी। कुछ देर बाद ही जब उसकी आवाज नहीं आई तो घर वालों ने खोजना शुरू किया तो वह घर के पास ही मृत मिली। इसके बाद गांव वाले एकत्रित हो गए। उन्होंने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। गांव वाले ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान एक ओर मामा कह रहे हैं। दूसरी ओर बच्चियों को मरने पर भी उनको कोई असर नहीं हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि गांव वाले अब अपनी सामूहिक आत्महत्या करेंगे। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनाम बनाया।