
VPL will start on the lines of IPL, ISL and Pro-Kabaddi
खंडवा. आईपीएल, आईएसएल और प्रो-कबड्डी की तर्ज पर अब वॉलीबॉल प्रीमियर लीग भी होगी। सितंबर-अक्टूबर 2018 में ये संभावित है। इससे वॉलीबॉल की पहुंच व लोकप्रियता बढ़ेगी। खिलाडि़यों के पास धन आएगा तो उनका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और वे अच्छा खेलेंगे। इससे खेल को ही फायदा होगा। पत्रिका से खास बातचीत में ये बात अर्जुन व द्रोणाचार्य अवॉर्ड प्राप्त राष्ट्रीय कोच जीई श्रीधरन ने कही। उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के सेक्रेट्री जनरल रामअवतारसिंह जाखड़ इसके लिए प्रयासरत हैं।
39वीं रैंक पर है इंडिया
टीम गेम में इंटरनेशनल फेडरेशन में 222 देश रजिस्टर्ड हैं। नॉन प्रोफेशनल होते हुए भी इंडिया की रैंक 39वीं हैं। श्रीधरन के मुताबिक, वॉलीबॉल हमारे गांवों तक में खेला जाता है। इसमें हम प्रोफेशनल हो गए तो टॉप-20 में भी आ सकते हैं।
एशियन चैम्पियनशिप-2019 में जाएगी टीम
खंडवा में खेली जा रही नेशनल प्रतियोगिता से चयनित टीम 2019 में होने वाली यूथ अंडर-23 एशियन चैम्पियनशिप में हिस्सा लेगी। इसकी जगह तय होना शेष है। बता दें कि श्रीधरन 1976 से 91 तक तमिलनाडु से खिलाड़ी रहे। 1982 में अर्जुन अवॉर्ड मिला। 1991 से अब तक कोच हैं। 2007 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित हुए।
...रिकॉर्ड के धुरंधर भी आए
जागीर सिंह रंधावा। पंजाब की ओर से खेलते थे। इन्होंने १८ नेशनल खेले। इनके नाम रिकॉर्ड है कि इन्होंने लगातार 15 गोल्ड मेडल जीते हैं। ये एक हिस्ट्री है और इन्हें पूरा विश्वास है कि ये बदलने वाली नहीं है। इनका कहना है कि जुनून व जज्बा होना जरूरी है।
बता दें कि इससे पहले मंगलवार को पुष्पवर्षा और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच 20वीं राष्ट्रीय वॉलीबाल प्रतियोगिता का आगाज हुआ था। दोपहर 12 बजे उत्कृष्ट विद्यालय से निकले फ्लैग मार्च में देशभर से पहुंचे खिलाड़ी सहित जनप्रतिनिधि शामिल हुए। फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख मार्ग बॉम्बे बाजार सहित अन्य मार्गों से होते हुए बस स्टैंड पहुंचा, जहां से बसों से खिलाड़ी नगर निगम स्टेडियम पहुंचे। वहीं रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर खिलाडिय़ों का स्वागत किया गया। स्टेडियम में भी सभी प्रदेश के खिलाडि़यों ने मार्च पास्ट कर मुख्य अतिथि को सलामी। कार्यक्रम में खरगोन जिले के सेंट जोंस स्कूल के विद्यार्थियों ने देश की विभिन्न संस्कृति की झलक पेश की। प्रस्तुति में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक की संस्कृति देखने को मिले। यह देख पूरा परिसर तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। वहीं सागर की टीम ने बधाई और उज्जैन की टीम ने मटकी नृत्य की प्रस्तुति से समां बांध दिया। इसके बाद हुए मैच में पहले दिन महिला-पुरुष दोनों में उत्तर प्रदेश का दबदबा रहा।
Published on:
4 Jan 2018, 1:10 PM IST
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