
पश्चिम बंगाल पर मंडराता राष्ट्रपति शासन का खतरा, जानिए किस ओर बढ़ता केंद्र सरकार का कदम...
-राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और पीएम मोदी की मुलाकात सोमवार को
कोलकाता.
लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक हिंसा का दौर जारी है। उत्तर 24 परगना के बशीरहाट संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत संदेशखाली में शनिवार को तृणमूल और भाजपा के बीच हुए संघर्ष में 6 लोगों के मारे जाने की घटना को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा काफी चढ़ा हुआ है। हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट देने के अलावा सरकार के लिए एक निर्देशिका भी जारी कर दी है। हिंसा के बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी सोमवार को नई दिल्ली जा रहे हैं। इस क्रम में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली है। हिंसा को लेकर एक तरफ केंद्र सरकार का कड़ा तेवर और दूसरी ओर राज्यपाल का दिल्ली जाना काफी अहम माना जा रहा है। ऐसे में केंद्र कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल को कटघरे में लाने का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया है। ताकि बंगाल सरकार के खिलाफ अहम फैसला लिया जा सके। बंगाल में हो रहे हिंसा खासकर संदेशखाली हिंसा के मुद्दे पर राज्यपाल और पीएम मोदी के बीच चर्चा हो सकती है। पश्चिम बंगाल के कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी वे बात करेंगे। उल्लेखनीय है कि शनिवार को उत्तर 24 परगना के बशीरहाट में हुए हिंसा में 6 लोगों के मारे जाने की खबर है। इस मामले में राज्यपाल त्रिपाठी पीएम मोदी से मिलकर बात करेंगे। गृह मंत्रालय ने इस संदर्भ में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से रिपोर्ट मांगी है।
राज्यपाल और पीएम मोदी की मुलाकात उत्तरी 24 परगना के संदेशखली में भड़की हिंसा के बाद होना इस बात का संकेत है कि बंगाल पर राष्ट्रपति शासन के बादल मंडराने लगे हैं। राज्यपाल त्रिपाठी इससे पहले कई बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पंचायत चुनाव में भड़की हिंसा को लेकर सार्वजिक तौर पर नाराजगी जता चुके हैं। अब तक वर्तमान हिंसा पर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया है।
Published on:
09 Jun 2019 07:42 pm
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