20 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘विधानसभा में सत्ता बदल गई, लेकिन बार काउंसिल में तस्वीर उलट क्यों? 6 महीने पुराने वोट ने बंगाल की राजनीति में छेड़ी नई बहस’

Bar Council Election Result: पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद बार काउंसिल चुनाव के नतीजों ने नई चर्चा छेड़ दी है। फरवरी में पड़े वोटों का अगस्त में नतीजा आया, जिसमें TMC समर्थित उम्मीदवारों ने 23 में से 15 सीटें जीतीं।
2 min read
Google source verification
TMC Bar Council Victory

बंगाल बार काउंसिल चुनाव में TMC समर्थित उम्मीदवारों की जीत के बाद अब बोर्ड गठन को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं। (फोटो सोर्स-IANS)

West Bengal Politics:पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल गया। बीजेपी सरकार में आ गई और तृणमूल कांग्रेस विपक्ष में चली गई। लेकिन अब बार काउंसिल चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक अलग तस्वीर सामने रख दी है। पश्चिम बंगाल बार काउंसिल की 23 निर्वाचित सीटों में TMC समर्थित उम्मीदवारों ने 15 सीटें जीत ली हैं। बीजेपी को 3, लेफ्ट फ्रंट को 3 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं।

TMC के लिए यह नतीजा इसलिए राहत देने वाला है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ा झटका लगा था। हालांकि, इस नतीजे को समझने के लिए इसकी टाइमिंग पर ध्यान देना जरूरी है।

छह महीने पहले डाले गए थे वोट

बार काउंसिल चुनाव में मतदान फरवरी 2026 में हुआ था। इसके बाद मई में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हुए और राज्य की सत्ता बदल गई। अब अगस्त में बार काउंसिल के चुनाव परिणाम सामने आए हैं।

यानी वकीलों ने जब अपना वोट डाला था, उस समय बंगाल में TMC की सरकार थी। नतीजा आने तक राजनीतिक तस्वीर बदल चुकी थी। इसी वजह से बार काउंसिल का चुनाव अब चर्चा में है।

इस नतीजे को सीधे विधानसभा चुनाव के बाद का जनमत कहना ठीक नहीं होगा। इसकी वजह साफ है कि वकीलों ने बार काउंसिल के लिए वोट विधानसभा चुनाव से पहले ही डाल दिया था।

TMC के लिए बड़ी राहत, लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं

15 सीटों की जीत TMC के लिए निश्चित तौर पर अच्छी खबर है। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के सामने अपनी राजनीतिक पकड़ को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे। ऐसे में वकीलों के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखना पार्टी के लिए राहत की बात है।

लेकिन यह नतीजा बंगाल की आम जनता के मौजूदा राजनीतिक मूड का सीधा आईना है, ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। बार काउंसिल और विधानसभा चुनाव अलग-अलग समय पर हुए और दोनों में मतदाता भी अलग हैं।

BJP की सीटें न बढ़ीं, न घटीं

बीजेपी के लिए भी नतीजे खासे दिलचस्प हैं। विधानसभा चुनाव में सत्ता हासिल करने के बाद बार काउंसिल में पार्टी 3 सीटों पर ही रही। हालांकि, इसमें बीजेपी को कोई नया नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि पिछली बार भी उसे 3 सीटें ही मिली थीं।

दूसरी तरफ लेफ्ट फ्रंट को एक सीट का नुकसान हुआ। पिछली बार उसके पास 4 सीटें थीं, जो अब घटकर 3 रह गई हैं। कांग्रेस ने अपनी 2 सीटें बरकरार रखी हैं।

महिलाओं के लिए भी खास व्यवस्था

इस बार बार काउंसिल की 23 निर्वाचित सीटों में 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। इनमें 4 सीटें TMC समर्थित उम्मीदवारों ने जीतीं, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में गई।

इसके अलावा बार काउंसिल ऑफ इंडिया दो महिला सदस्यों को नामित करेगा। इनके शामिल होने के बाद काउंसिल में सदस्यों की कुल संख्या 25 हो जाएगी।

नतीजे से ज्यादा चर्चा टाइमिंग की

इस पूरे चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यही है कि वोट फरवरी में पड़े, मई में बंगाल की सत्ता बदली और अगस्त में नतीजा आया।

इसलिए बार काउंसिल का नतीजा TMC के लिए राजनीतिक राहत जरूर है, लेकिन इसे विधानसभा चुनाव के बाद जनता के बदले हुए मूड का प्रमाण मानना सही नहीं होगा। फिलहाल इतना जरूर है कि एक ही राज्य में दो अलग-अलग चुनावों ने दो अलग तस्वीरें सामने रखी हैं। विधानसभा में सत्ता BJP के पास है, जबकि बार काउंसिल में TMC समर्थित खेमे का दबदबा कायम है।

बड़ी खबरें

View All

कोलकाता

पश्चिम बंगाल

ट्रेंडिंग