
Life imprisonment
कोण्डागांव. आपने सुना होगा भगवान के घर देर है अंधेर नहीं, यह वाक्य आज भी अमर हैं इसका उदहारण कोंडागांव अदालत ने दिया है दरअसल दो साल पहले हुए एक हत्या केस में कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पैसे के लेनदेन को लेकर पति- पत्नी के बीच हुए विवाद में आवेश में आकर आरोपी पति बाबूलाल नाग ने पत्नी मनीषा के सिर पर डंडे से वार किया। जिससे उसकी मौत हो गई ।
केस को लेकर अपर लोक अभियोजक अशोक चौहान ने बताया कि, प्रार्थी भीष्मकुमार अपने परिवार के साथ रहता है। घटना के करीब तीन साल पहले उसकी बहन मनीषा का बाबुलाल निवासी डोडकापारा पीपरा के साथ विवाह हुआ था। मृतिका मनीषा नाग घटना के एक माह पहले ही अपने भाई के घर पर आकर रह रही थी। एक फरवरी 2017 की शाम को आरोपी बाबुलाल अपने साले के घर आया था।
सुबह शुरू हुआ था विवाद
दूसरे दिन सुबह तकरीबन 6 बजे मनीषा नाग आग ताप रही थी उसी समय आरोपी और मृतिका के बीच पारिवारिक बात एवं पैसा के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। और आरोपी आवेश में आकर 'आज तेरे को जान से खतम कर दूंगा' कहते हुए मनीषा नाग के सिर में बांस के डंडा से मारकर प्राणघतक चोट पहुंचाया।
प्रार्थी मनीषा नाग को बेहोशी के हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना को प्रार्थी के छोटे भाई भुवन कुमार एवं मां रमशिाला ने भी देख लिया था। तभी प्रार्थी की सूचना पर थाना केशकाल में आरोपी के विरूद्ध धारा 302 भादवि का अपराध दर्ज किया गया।
विवेचना के बाद धारा 302 भादवि के अपराध में अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। जहां सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार सोनी ने प्रकरण का विचारण कर आरोपी को धारा 302 भादंसं के आरोप में आजीवन करावास एवं 25000 रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड की राशि अदा होने के व्यतिक्रम पर 06 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास पृथक से भुगतना का निर्णय पारित किया।
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Published on:
29 Aug 2019 04:39 pm

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