
सुकमा में आ सकती है बाढ़, नदी में पानी का स्तर बढ़ने से फंसे जवान
कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ के घोर नक्सली प्रभावी इलाके में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के चलते इलाके के कुछ नदी-नालों में पानी खतरे के निशान से उपर बहने लगा हैं। अनुमान लगाया जा रहा है यदि बारिश बंद नहीं हुआ तो समस्या और बढ़ जाएगी। दरअसल नक्सल प्रभावित इलाको में सुरक्षा के नज़र से पुलिस के द्वारा सर्चिग ओप्रशन चलाया जाता है।
अब जानकारी के मुताबिक आईटीबीपी के जवानों की एक टुकड़ी उरदाबेंडा की ओर माओवादी गश्त के लिए निकली हुई थी। जो बारदा नदी में पानी अधिक होने के चलते जवानों के फंसने की बात कही जा रही हैं। हांलाकि जवानों की फंसने की पुष्टि अभी किसी भी सुरक्षाधिकारी ने नहीं की हैं।
सुकमा में बाढ़ की सम्भावना
मलंगेर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है ऐसे स्थिति में स्वयं कलेक्टर जायजा लेने पहुंचे थे बताया जा रहा है। सुकमा जिले में पिछले कई घंटों से लगातार हो रही बारिश से नदी नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे बाढ़ की स्थिति की संभावना बन रही है। सुकमा तहसील के गांव गादीरास में मलगेर नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर का जायजा लेने कलेक्टर अधिकारियों के साथ पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की उन्हें बढ़ रहे जलस्तर से सावधान रहने को कहा है ।
साथ ही लोगों से पुल के ऊपर बह रहे पानी में नदी पार नहीं करने की समझाइश दी है।कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा है ग्रामीणों के लिए तत्काल सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए तथा लगातार हो रही बारिश से नदी नालों में बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने की बात कही है। आवश्यकता के अनुसार लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।
कोंटा से मोटू नाव हुआ बंद
सुरक्षा के मद्देनजर रखते हुए कलेक्टर के आदेश पर कोंटा एसडीएम प्रदीप कुमार वैद ने शनिवार सुबह 11 बजे से ही नाव के आवागमन पर रोक लगा दी थी। वहीं बारिश के कहर के बीच ओडिशा जाने आने वाले यात्रियों के लिए खुशी की बात यह है कि आंध्र के कलेर ग्राम से मोटू के बीच पुल के बन जाने से ओडिशा के यात्री आसानी से अपने घरों तक पहुंच पा रहे है।
Published on:
29 Jul 2019, 4:01 PM IST
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