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54 शिक्षकों ने पदोन्नति लेने से किया इंकार, 214 ने मनपसंद विद्यालयों का चयन कर प्राप्त किया प्रमोशन

डाईट कोरबा में हुई मिडिल स्कूल के हेडमास्टर की काउंसलिंग
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 20 Apr 2018, 11:28 AM IST

डाईट कोरबा में हुई मिडिल स्कूल के हेडमास्टर की काउंसलिंग

कोरबा . जिले में आठ साल के लंबे अंतराल के बाद प्राथमिक शाला प्रधान पाठक(स्नातक) और उच्च वर्ग शिक्षक के शिक्षकों को प्रधान पाठक माध्यमिक शाला के पद पर पदोन्नति दी गई है। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा डाईट कोरबा में गुरुवार को पूरे दिन ओपन काउंसलिंग का आयोजन किया गया। जिसमें २१४ शिक्षकों ने अपने मनपसंद विद्यालयों का चयन कर प्रमोशन प्राप्त किया।


काउंसलिंग की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने इस प्रक्रिया के पर्यवेक्षण के लिए बतौर प्रतिनिधि डिप्टी कलेक्टर सिम्मी नाहिद की ड्यूटी यहां लगाई थी। इनके अलावा डीईओ डीके कौशिक, डाईट प्राचार्य एसके प्रसाद सहित सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी व अन्य विभागीय अफसर व कर्मचारी भी काउंसलिंग में मौजूद रहे।


जिले में कुल 513 माध्यमिक शालाओं में प्रधान पाठकों के 296 पद रिक्त हैं जबकि गुरूवार की काउंसलिंग में केवल २१४ ने ही पदोन्नति ली है। इसके बावजूद जिले में माध्यमिक शाला के प्रधान पाठकों के ८२ पद जिले में अब भी रिक्त हैं। विगत आठ वर्षों से इन पदों पर प्रमोशन नहीं हुआ था। यही कारण है कि इतने अधिक पद रिक्त हैं।

प्रधान पाठक के पद पर जिले में पिछली बार 2010 में पदोन्नति की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद कुछ तकनीकी कारणों से मामला पेंडिंग पड़ा हुआ था। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी डीके कौशिक ने बताया कि काउंसलिंग कि यह प्रक्रिया आठ साल से लंबित थी। जिसका शिक्षकों को बेसब्री से इंतजार था। डाईट में शांतिपूर्ण व पूरी पारदर्शिता के साथ एक दिन में काउंसलिंग की प्रक्रिया को पूरा किया गया।

21 रहे अनुपस्थित
पदोन्नति के लिए कुल 289 शिक्षकों को काउंसलिंग में बुलाया गया था। जिसमें से २१ अनुपस्थित रहे, जबकि ५४ शिक्षकों ने पदोन्नति लेने से ही इंकार कर दिया। काउंसलिंग के दौरान कई शिक्षकों को स्थान चयन को लेकर दिक्कत होने पर विभागीय मदद दी गई। जिससे काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया को एक ही दिन पूरा कर लिया गया।