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CG News: ईयरफोन का इस्तेमाल बच्चों के लिए बन रहा खतरनाक, कान को पहुंच रहा नुकसान…

CG News: कोरबा जिले में आधुनिक दौर में बच्चों में मोबाइल का इस्तेमाल बढ़ गया है। लेकिन बच्चे मोबाइल का उपयोग सबसे अधिक इयरफोन लगाकर फिल्म देखने, कार्टून, गाने तेज आवाज में सुनने का चलन बढ़ा है।

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CG News: ईयरफोन का इस्तेमाल बच्चों के लिए बन रहा खतरनाक, कान को पहुंच रहा नुकसान...

CG News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आधुनिक दौर में बच्चों में मोबाइल का इस्तेमाल बढ़ गया है। लेकिन बच्चे मोबाइल का उपयोग सबसे अधिक इयरफोन लगाकर फिल्म देखने, कार्टून, गाने तेज आवाज में सुनने का चलन बढ़ा है। इसका विपरित असर कान के पर्दे पर पड़ रहा है। बच्चों में सुनने की परेशानी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

अभिभावक जहां बच्चों को पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन दे रहे हैं वहीं अब ज्यादातर बच्चे मोबाइल व कंप्यूटर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा बच्चों पर निगरानी नहीं रखने पर इसका दुरूपयोग कर रहे हैं। बच्चे पढ़ाई के बजाए गाने, फिल्म सहित सोशल मीडिया पर चलने वाली रिल्स देखने और सुनने के लिए पांच से छह घंटे से अधिक समय तक बच्चे कान में इयरफोन लगाए रहते हैं। लगातार काफी देर तक इयरफोन से सुनने से यह सीधे तौर पर कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा रहा है।

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CG News: कान को पहुंच रहा नुकसान

बच्चे जब इयरफोन लगाकर तेज आवाज में देर तक सुनते हैं तो इसका विपरित असर बच्चों के कान पर पड़ता है। इस कारण बच्चों को सुनने में परेशानियां आ रही है। ऐसे ही मामले कुछ समय से मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में आए हैं। अभिभावक बच्चों की कान की परेशानी लेकर डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। कान, नाक, गला रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. हरबंश सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इयरफोन से संबंधित समस्या लेकर प्रतिदिन लगभग आठ से 10 मरीज आ रहे हैं, जो इयरफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इसमें एक ही इयरफोन को अलग-अलग व्यक्तियों के उपयोग करने से दूसरे के कान का इंन्फेक्शन आ जाता है। यह कान को भी खराब कर रहा है। हाल ही में इयरफोन के अधिक उपयोग 14 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे ज्यादातर कर रहे हैं। कुछ बच्चों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। जरूरी दवाईयों के साथ ही इयरफोन के कम इस्तेमाल की सलाह दी गई है जिससे कान में दबाव कम हो।

इन तरह के मरीज आ रहे सामने

कोरबा में रहने वाले एक 15 वर्षीय किशोर लंबे समय से सोशल मीडिया में सक्रिय रहने, रिल्स और गाना सुनने के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल कर रहा था। अब उसे सुनने में दिक्कतें आ रही है। वर्तमान में उसे अधिक आवाज में बोलने पर कान में सुनाई देता है।

कान की परेशानी को लेकर एक 16 वर्षीय किशोर का भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है। किशोर ऑनलाइन कोचिंग क्लास के साथ ही फिल्म देखने के दौरान ईयरफोन का उपयोग कर रहा था। इसका इलाज जारी है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रोजाना आठ से 10 मरीज आ रहे सामने

मेडिकल कॉलेज के एनएडटी स्पेशलिस्ट डॉ. हरबंश सिंह ने कहा की कोरबा इयरफोन बच्चों के कान को नुकसान पहुंचा रहा है। दरअसल इन दिनों एक ही इयरफोन को अलग-अलग व्यक्तियों के उपयोग का ट्रेंड चला है। इससे दूसरे के कान का इन्फेक्शन आ रहा है। इसके अलावा इयरफोन सीधे इयर कैनल को प्रभावित करता है।

इयरफोन को कान की नलिका के अंदर डाला जाता है, यह कान के मैल को अंदर धकेल सकता है जिससे कान में रुकावट पैदा करता है। यह कान के पर्दे को नुकसान पहुंचाता है। तेज आवाज में सुनने से कान में इनफेक्शन की आशंका बढ़ जाती है। जरूरत है कि तेज आवाज और इयरफोन का इस्तेमाल कम करें।