
NHM कर्मचारियों की बड़ी मांग! दिवाली से पहले वेतन वृद्धि और Bonus का आदेश जारी करे सरकार...(photo-patrika)
Bonus 2025: हाईकोर्ट के आदेश से मानकीकरण कमेटी की बैठक पर रोक लगने के बाद अब संगठनों ने कोल इंडिया प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एटक और सीटू ने तो कोल इंडिया की कई कंपनियों में आंदोलन भी शुरू कर दिया है और अंतरिम राहत के तौर पर कर्मचारियों को शीघ्र अग्रिम बोनस भुगतान की है।
सोमवार को नई दिल्ली में कोयला कर्मचारियों के बोनस पर फैसले के लिए बैठक की तैयारी के बीच कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के चलते बैठक होते-होते रह गई और कोर्ट ने अंतिम आदेश तक बैठक पर ही रोक लगा दिया। प्रबंधन ने भी कोर्ट का आदेश मिलने के बाद देर रात बैठक स्थगित होने की सूचना जारी कर दी। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच कोल इंडिया के उन लाखों कोयला कर्मचारियों का नुकसान हो गया, जो त्योहारी बोनस के इंतजार में बैठे हुए थे। बोनस के लिए बैठक नही होने से कोयला कर्मचारियों में गुस्सा है। यही कारण है कि यूनियन अब बोनस के मुददे पर आंदोलन का रुख करते नजर आ रहे है।
एटक नेता रमेंद्र कुमार और सीटू नेता डीडी रामानंदन की ओर से आंदोलन के बयान के बाद कोयला कंपनियों में एटक व सीटू संगठन ने प्रंबंधन के खिलाफ कई कंपनियों में आंदोलन भी शुरू कर दिया है। इंटक को बैठक में शामिल होने से रोकने के लिए कोल इंडिया की ओर से हाईकोर्ट में याचिका लगाए जाने के बाद कोर्ट की तरफ से जो निर्णय आया उससे इंटक को तो राहत मिली लेकिन कोयला कामगारों का नुकसान हो गया। इसके लिए एटक-सीटू और एचएमएस ने सीधे तौर पर प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया हैै।
एटक नेता हरिनाथ सिंह व सीटू के नेता वीएम मनोहर ने यहां तक कहा कि सरकार के दबाव में मजदूर बोनस से वंचित हो गए हैं। फ़िलहाल अब मानकीकरण कमेटी की बैठक कोर्ट के फैसले पर टिकी है। लेकिन यूनियन प्रबंधन से कोयला कर्मचारियों के लिए अंतरिम राहत के रूप में अग्रिम बोनस की मांग कर रहे हैं।
इधर चर्चा है कि कोल इंडिया प्रबंधन एपेक्स जेसीसी की बैठक बुला सकता है। बताया जा रहा है कि कोल इंडिया प्रबंधन 25 सितम्बर को एपेक्स जेसीसी की बैठक बुलाने जा रहा है। इसमें चारों यूनियन बीएमएस एचएमएस, सीटू और एटक के प्रतिनिधि भी होते हैं। इसलिए इस बैठक में कोयला कर्मचारियों का बोनस तय हो सकता है,क्योकि एपेक्स जेसीसी जेबीसीसीएआइ के अंतर्गत नहीं आता है। इसलिए कहा जा रहा है कि अगर इस बैठक में बोनस पर चर्चा हुई तो इसमें कोर्ट के आदेश का उल्लंघन नहीं होगा। फिलहाल इसे लेकर सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं, इसे लेकर कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
कोर्ट के आदेश के आदेश से मानकीकरण कमेटी की बैठक पर रोक लगने के बाद अब बीएमएस ने कोल इंडिया चेयरमैन को पत्र लिखा है। जिसमें अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के महामंत्री सुधीर सिंह ने फेस्टिवल एडवांस याने उत्सव अग्रिम राशि के रूप में नियमित कोयला कामगारों के खाते में एक लाख रूपए और ठेका श्रमिकों को दस हजार रूपए बोनस का अग्रिम भुगतान करने की मांग रखी है। अग्रिम बोनस नही देने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन की महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू ने कोल इंडिया प्रबंधन की मंशा पर सवाल उठाते हुए। मानकीकरण समिति की बैठक टलने पर कोल इंडिया को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कोल अफसरों का भुगतान करने उनको लैपटॉप और मोबाइल सुविधा दे दिया। लेकिन कर्मचारियों की बारी आने पर प्रबंधन कोर्ट के आदेश की बात कर रहा है। उन्होंने कहा है कि हाईकोर्ट ने बोनस वितरण पर रोक नहीं लगाई है। प्रबंधन कर्मचारियों को कंपनी को लाभ के अनुपात में कम से कम सवा लाख बोनस का भुगतान शीघ्र करें वरना इसका असर कोयला उत्पादन पर भी पड़ सकता है।
Updated on:
24 Sept 2025 04:41 pm
Published on:
24 Sept 2025 04:41 pm
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