
हाथियों का ऐसा भय कि 102 की बजाए 65 बच्चे ही पहुंचे स्कूल
कोरबा. लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में विचरण कर रहे हाथियों का दल शहर के नजदीक पहुंच कर उत्पात मचा रहा है। सोमवार तड़के हाथियों के झुंड ने झगरहा स्थित प्राथमिक शाला के बाउंड्रीवाल को तोड़ दिया और पास के गांव ठाकुरखेता में भी उत्पात मचा कर एक ग्रामीण का मकान ढहा दिया।
वनांचल क्षेत्र में हाथियों के दो झुंड लंबे समय से विचरण कर उत्पात कर ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं। वन विभाग भी असहाय हो चुका है। हाथियों का एक झुंड शहर से लगे झगरहा और इसके आसपास के जंगलों में ठहरा हुआ है। सोमवार सुबह झुंड झगरहा बस्ती के करीब पहुंच गया। और यहां के प्राथमिक स्कूल की बाउंड्रीवाल को दो स्थानों पर सूंड़ से ढहा दिया। बस्ती के करीब हाथियों की धमक से ग्रामीण डरे हुए हैं। जान माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और बच्चों को स्कूल भेजने से डर गए हैं।
इस घटना के बाद सोमवार को स्कूल खुला लेकिन हाथियों की दहशत से बच्चे कम आए। हाथियों के भय से स्कूल में बच्चों की उपस्थिति आधी रही। 102 के बजाए 65 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। हाथियों का झुंड झगरहा बांस बाड़ी में ठहरा हुआ है। वन विभाग नजर रखा हुआ है। विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में मुनादी करा कर जंगल नहीं जाने की सलाह दी है। झगरहा के अलावा हाथियों का दूसरा झुंड कोरबा के वनमंडल के पसरखेत रेंज भी ठहरा हुआ है। रविवार रात हाथियों ने ग्राम ठाकुरखेता में एक मकान को ढहा दिया।
घटना के समय मकान में परिवार के सदस्य सोए हुए थे। हाथियोंं के चिंघाड़ से परिवार की नींद खुली। परिवार ने भागकर जान बचाई। वन विभाग का कहना है कि ठाकुरखेता के जंगल में दो हाथियों का एक झुंड है। इसमें एक नर और एक मादा है। दोनों बड़े झुंड से बिछड़े हुए हैं। विभाग दोनों पर नजर रख रहा है।
बताते चलें कि शनिवार की रात हाथियों के झुंड ने विकासखंड करतला के ग्राम पतरापाली में तीन मकान को तोड़ दिया था। मकान तोडऩे की आए दिन हो रही घटना से ग्रामीण परेशान है। ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ गुस्सा है।
अफसरों के उपेक्षापूर्ण रवैया
हाथियों के बढ़ते उत्पात ने ग्रामीणों को परेशान कर दिया है। ग्रामीण जान माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्हेें लगता है कि वन विभाग के अफसर इस मुश्किल घड़ी में साथ नहीं दे रहे हैं। अफसरों के उपेक्षा पूर्ण रवैया से हाथियों का उत्पात बढ़ा है। हाथियों को नियंत्रित करने की वन विभाग की पूरी कोशिश नाकाम हो गई है। न मिर्ची काम आ रही है न ही हुल्ला पार्टी ग्रामीणों का मददगार बन रहा है। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
ग्रामीण वन विभाग की ओर से की जा रही मुनादी में अफसरों से सवाल पूछ रहे हैं। हाथियों का उत्पात कम नहीं होने पर गांव में घेर रहे हैं। इससे वन विभाग के अफसरों को लगता है कि उनकी सुरक्षा खतरे में है। कभी मामला गंभीर हो सकता है। स्थिति भांपते हुए वन विभाग के कर्मचारियों ने वरिष्ट अफसरों को अवगत करा दिया है। पुलिस से अपने लिए सुरक्षा की मांग की है।
वन विभाग के अफसरों ने करतला और श्ंयाग, उरगा और बालकोनगर थानेदार को पत्र लिखा है। पत्र में उग्र हो रही भीड़ का नियंत्रित करने की मांग की है। आशंका जतायी जा रही है कि हाथियों के उत्पात से क्रुद्ध ग्रामीण वन विभाग के स्टाफ को कभी भी निशाना बना सकती है।
Published on:
30 Jul 2018, 6:56 PM IST
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