
रेत तस्कर कर रहे माण्ड और चुईया नदी का सीना छलनी, शासन को लाखों के राजस्व का लगा रहे चूना, फिर भी विभाग मौन...
करतला. कुदमुरा सीमावर्ती स्थित माण्ड नदी पर बेखौफ होकर रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। माण्ड नदी एवं चुईया नदी से प्रतिनिदन 300 से 500 ट्रॉली रेत निकाल कर शासन को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। नदी से रेत निकालने के लिए नदियों में बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए गए हैं, जो हादसे का सबब बन सकते हैं।
पर्यावरण की दृष्टि से नदी नालों का सरंक्षण बेहद जरूरी है और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश भी हैं लेकिन कोरबा के ग्रामीण अंचलों में इन नदी व नालों का अस्तित्व खत्म करने में ठेकेदार व रेत माफिया जुटे हुए हैं। जिम्मेदार विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इन ठेकेदारों पर लगाम नहीं लगा रहे हैं बल्कि मिलीभगत कर उन्हें खुला दोहन करने की छूट दे रहे हैं।
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स्थिति यह हो गयी है कि नदी पर रेत माफिया ने कब्जा कर रखा है। दिन-रात वे नदियों से रेत का अवैध खनन कर उनका सीना छलनी कर रहे हैं। जिससे नदी में लगातार हो रहे रेत खनन के कारण न सिर्फ जलस्तर ही कम हो रहा है बल्कि उनमें बड़े-बड़े गड्ढे भी हो गए हैं। कारवाई का डर नहीं होने के कारण रेत माफिया के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
पुलिस विभाग द्वारा कभी-कभार एक-दो ट्रैक्टर पकड़कर कर्तव्य की इतिश्री कर लेता है। असल में बड़े-बड़े ठेकेदारों को पकड़ कर कानूनी तौर पर कोई बड़ी कारवाई नहीं की जाती है। इसलिए कुदमुरा क्षेत्र में अवैध खनन का यह कारोबार बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है।
कुदमुरा समीप माण्ड नदी पुलिया पर अवैध रूप से खनन कर रेत बेची जा रही है।
यहां प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रेत से भरकर रायगढ़ जिले में बेचा जा रहा है और शासन को लाखों रुपयों के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। दिन के समय कुदमुरा हाटी मार्ग पर भी रेत से भरी ट्रॉलियों को देखा जा सकता है जिन्हें रोककर विभाग यह तक नहीं पूछता कि रेत कहां से लाए हो।
Published on:
25 Jun 2018, 11:50 AM IST
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