
गांव का बरगद और पीढिय़ों की ठंडी छांव, पूरे गांव के बच्चों के खेलने के लिए सबसे पसंदीदा जगह
कोरबा. ये नजारा शहर से दूर जंगलों के बीच बसे भटगांव का है। गांव के बीच में एक बूढ़ा बरगद का पेड़ गांव तीन पीढिय़ों से बच्चों, युवा व बुजुर्गों के हर गतिविधि का हिस्सेदार व राजदार रहा है। इसके तने के हर कोटर में किसी न किसी पीढ़ी की कोई निशानी है।
गर्मियों का मौसम है दोपहर के समय ये बच्चे यहां आकर काफी देर तक खेलते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तो कुछ ही बच्चे यहां दिख रहे हैं वरना ये बरगद पूरे गांव के बच्चों के खेलने के लिए सबसे पसंदीदा जगह है। दरअसल इस तस्वीर में कांक्रीट के बढ़ते जंगल और उसमें पनप रही अशांति के बीच ग्रामीण परिवेश में प्रकृति के गोद में खिल रहे खिलखिलाहट को प्रदर्शित करने की कोशिश की गई है। जब अप्रैल के महीने में शहर में दो बजता है तो सड़क तो दूर हमें घर में भी चैन नहीं होता है।
दूसरी ओर ठीक दो बजे गांव में खुले आसमान के नीचे बरगद तले बिखर रहा ये मुस्कान हमारे विकास के अंधे दौड़ पर हंसता हुआ प्रतीत होता है। आज के दौर में वृक्ष कितने जरूरी हैं इस बात का प्रमाण इस बरगद के छांव के नीचे खिल रही ये विशुद्ध मुस्कुराहट है, जिसमें कोई मिलावट नहीं है।
Updated on:
6 Apr 2019, 12:22 PM IST
Published on:
6 Apr 2019, 12:20 PM IST
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