
Chirimiri police station
बैकुंठपुर। एसईसीएल में भृत्य के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर एक युवक से पिता-पुत्र ने मिलकर 9.50 लाख रुपए की ठगी कर ली। रुपए लेने के बाद उसकी नौकरी (Big fraud) भी नहीं लगी। आरोपियों को पीडि़त ने पहले 2.50 लाख रुपए दिए थे। बाद में वे और 10 लाख रुपए की मांग करने लगे। जब उसने देने से इनकार किया तो कहा कि 7 लाख तो देने ही पड़ेंगे, वरना पहले के ढाई लाख रुपए डूब जाएंगे। ठगी का शिकार हो चुके युवक ने मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।
कोरिया कॉलरी निवासी दिनेश प्रताप पिता छोटे लाल ने पुलिस चौकी कोरिया में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि अर्जुन बावरिया और अजय बावरिया ने एसइसीएल में भृत्य की नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी (Big fraud) की है। उसने चेक क्रमांक 076932 से 2 लाख 50 हजार और चेक क्रमांक 076778 से 7 लाख सहित कुल 9.50 लाख रुपए दिए हैं।
उसने पुलिस को बताया कि मेरे पिता छोटे लाल एसईसीएल से सेवानिवृत्त हो चुके है। मेरे मोहल्ले में ही अर्जुन बावरिया (पिता) एवं अजय बावरिया (पुत्र) निवास करते हैं। अर्जुन पहले एसईसीएल में नौकरी करते थे, जो 2018 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। दोनों ने मेरे घर आकर मुझे एसईसीएल में भृत्य की नौकरी लगाने के नाम पर रुपए लिए।
26 नवंबर 2019 को मेरे खाते से अजय बावरिया के खाते में चेक से 2.50 लाख भेजा गया। फिर 10 लाख रुपए की और मांग की गई। मेरे मना करने पर कहा गया कि 7 लाख दो, वरना 2.50 लाख डूब (Big fraud) जाएगा। जिससे 3 फरवरी 2020 को अपनी मां के चेक से 7 लाख रुपए अजय बावरिया के खाते में जमा कराए। साथ ही 2 लाख फुटकर बिलासपुर जाने की बात कहकर लिया गया।
पीडि़त ने बताया कि नौकरी नहीं लगने के बाद 1 मार्च 2023 को चिरमिरी थाना में शिकायत की थी। इसके बाद थाने में पिता-पुत्र को बुलाया गया, तब उन्होंने 6 माह के अंदर पूरा पैसा वापस (Big fraud) करने की बात कही थी। लेकिन मुझे पैसा नहीं लौटाया गया। पैसा मांगने पर गाली-गलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी देते थे।
पीडि़त ने पुलिस को बताया कि धोखाधड़ी (Big fraud) एवं छल कपट से मेरे पिता को हृदयाघात हुआ और गंभीर रूप से बिस्तर पर हैं। अर्जुन बावरिया और अजय बावरिया ने धोखाधड़ी कर पिता की पूरी कमाई हड़प ली है।
उसने बैंक खाता स्टेटमेंट सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। शिकायत की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ धारा 34, 420 के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है।
Updated on:
01 Jan 2025 02:35 pm
Published on:
01 Jan 2025 02:35 pm
