
CG News: छत्तीसगढ़ के कोरिया और मनेंद्रगढ़ में वायरल फीवर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इसमें पीड़ित को 5 से 7 दिन तक बुखार आता है। अस्पतालों में वायरल फीवर का इलाज कराने वाले मरीजों की संया में अधिक है। डॉक्टर्स बोले- अगर तेज बुखार और बदन दर्द की समस्या होने पर तुरंत चेकअप कराएं। अपनी मर्जी या मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक दवाई लेकर बुखार को दबाने का प्रयास डेंगू, मलेरिया या टाइफाइड में बदल सकता है।
Viral Fever: जानकारी के अनुसार पहले भारी बारिश और अब कभी हल्की बारिश तो कभी तेज धूप का असर सेहत पर पड़ने लगा है। वहीं बारिश से जगह-जगह भरे पानी से मच्छर पनप रहे हैं। जिससे मलेरिया से भी लोग पीड़ित हो रहे हैं। वायरल फीवर का प्रकोप लोगों को बीमार कर रहा है। जो 5-7 दिन में ठीक हो रहा है। यही कारण है कि जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचने वाले मरीजों में अधिकतर वायरल फीवर से पीड़ित मिल रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सावधानी से ही बीमारियों से बचा जा सकता है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस सिंह का कहना है कि वायरल बुखार का अर्थ है। वायरल संक्रमण की प्रचुरता, जो शरीर का सामान्य तापमान बढ़ा देता है। कमजोर प्रतिरोधी क्षमता की वजह से यह बच्चों, बुजुर्गों की आम बीमारी है। जिसमें आमतौर पर शरीर का तापमान अचानक बढ़ता है कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण या बच्चों और बुजुर्गों में बहुत आम होता है। वायरल बुखार से पीड़ित लोगों को स्कीन रैश और शरीर सिर में दर्द का अनुभव होता है। फिलहाल शासकीय और निजी अस्पतालों में वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मेडिकल दुकानों में मरीज की भीड़ लगी रहती है।
डॉ सिंह के मुताबिक जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसता है या बात करता है तो उसके मुंह से निकलने वाले तरल पदार्थ के छोटे कणों में बैक्टीरिया और वायरस होते हैं। जो नजदीक व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। जिससे वह भी संक्रमित होता है। जिसका असर 18 से 50 घंटे में दिखाई देता है। वहीं वायरल फीवर के लक्षण में नियमित अंतराल पर बुखार आना, ठंड लगने के साथ बुखार आना, बुखार दवाओ से ठीक नहीं हो रहा हो, जोड़ों के पास तेज दर्द, स्कीन रैश चेहरे पर सूजन, उल्टी आना शामिल है।
डॉ सिंह ने कहा कि कोई व्यक्ति वायरल बुखार से पीड़ित हैं तो उसे पर्याप्त आराम करना चाहिए। सूप और खिचड़ी जैसा गर्म और हल्का भोजन करें। तेज बुखार और बदन दर्द की समस्या है तो तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाएं। अपनी मर्जी या मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक दवाई लेकर बुखार को दबाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। अन्यथा डेंगू, मलेरिया या टाइफाइड का कारण बन सकता है। रोगाणु नाशक से बार-बार अपने हाथ धोएं, भीड़भाड़ वाली जगह से दूर रहें और बिना हाथ धोएं अपने चेहरे, मुंह और नाक को छूने से परहेज करें। खांसते, उबासी लेने से पहले अपने मुंह को रुमाल से ढकना चाहिए।
Published on:
27 Aug 2024 10:50 am
बड़ी खबरें
View Allकोरीया
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
