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Naib tehsildar slaps case: तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने ली सामूहिक छुट्टी, पटवारी भी हड़ताल पर, दफ्तरों में 5 दिन रहेगा सन्नाटा

Naib tehsildar slaps case: महासमुंद में नायब तहसीलदार से मारपीट का मामला, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के छुट्टी पर चले जाने से राजस्व कामकाज हो रहा प्रभावित

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Naib Tehsildar slaps case

बैकुंठपुर. Naib tehsildar slaps case: महासमुंद में नायब तहसीलदार को थप्पड़ मारने (Naib Tehsildar slaps case) के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में तहसीलदार और नायब तहसीलदार विभिन्न मांगों को लेकर 3 दिन की सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इससे 3 दिन राजस्व कामकाज प्रभावित रहेगा। पटवारी भी इन दिनों हड़ताल (Patwari on strike) पर हैं। इसके अलावा शनिवार व रविवार को छुट्टी रहने से तहसील कार्यालयों में 5 दिन तक सन्नाटा पसरा रहेगा। अधिकारियों के छुट्टी पर चले जाने से राजस्व का काम प्रभावित हो रहा है।


छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले कोरिया, एमसीबी के तहसीलदार और नायब तहसीलदार सामूहिक अवकाश पर चले जाने से बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को राजस्व कामकाज नहीं होंगे। उसके बाद शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी। संघ का कहना है कि तहसीलदारों को सुरक्षा नही मिलने एवं अन्य घोषित मांगों को लेकर कोई कार्यवाही नहीं होने से आक्रोशित हैं।

महासमुंद जिले के झलप तहसील में नायब तहसीलदार युवराज साहू के साथ मारपीट की घटना से क्षुब्ध हैं। तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों ने न्यायालय में सुरक्षा संबंधी मांग सरकार से की थी। तत्कालीन सरकार ने न्यायालय में सुरक्षा के लिए समस्त कलेक्टर को भी पत्र जारी किए थे। परंतु आज तक फील्ड में उसका कोई असर नहीं दिखा है।

इससे न्यायालय में बैठे तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के ऊपर असामाजिक तत्व मारपीट, गाली गलौज करते हैं। वहीं तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर प्रमोशन में 50-50 का अनुपात लागू करने की घोषणा की गई थी। मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की चेतावनी दी गई है।

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अनिश्चिकालीन हड़ताल पर बैठ गए पटवारी

इधर राजस्व पटवारी संघ के प्रदेश इकाई के आह्वान पर जिले के पटवारी ३२ सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। संघ का कहना है कि ऑनलाइन कार्य करने के लिए आज तक किसी भी प्रकार की सुविधा कम्प्यूटर, लैपटाप, प्रिंटर, स्कैनर, इंटरनेट उपलब्ध नहीं कराई गई है।

पटवारी अपने संसाधन से ऑनलाइन कार्य करते हैं, जो कि पटवारियों पर अतिरिक्त व्यय भार है। मामले में पहले भी राजस्व सचिव एवं संचालक भू अभिलेख को ज्ञापन दिया गया था। लेकिन निराकरण नहीं किया गया है। जिससे सभी पटवारी निराश एवं हताश हंै। ऑनलाइन नक्शा, बटांकन, संशोधन पहले पटवारी आईडी में, फिर संशोधित कर राजस्व निरीक्षक आईडी में भेजा जाता है, जिससे जब तक राजस्व निरीक्षक आईडी से अनुमोदन नहीं होता है।

तब तक उस नक्शे से संबंधित अन्य बटांकन या संशोधन नहीं किया जा सकता है। पटवारी द्वारा अनुमोदन के लिए भेजा गया नक्शा, बटांकन प्रस्ताव पटवारी आईडी में नहीं दिखता है, जिससे त्रुटि की संभावना रहती है। सामान्यत: नक्शे का सर्वर नहीं खुलता है। और खुलता भी है अत्यंत ही धीमा रहता है।

प्रत्येक नक्शे बटांकन पश्चात दोबारा लॉगिन करना पड़ता है। जिसका अभी तक निराकरण नहीं किया गया है। मामले में जिले स्तर पर सहायक प्रोग्रामर की पदस्थापना की मांग रखी है। अभी छोटी-छोटी समस्या के लिए बार-बार रायपुर बुलाया जाता है।