
तीस्ता नदी में बहे बूंदी के 2 युवकों का 5 दिन बाद भी नहीं लगा सुराग, ममता सरकार से बोले परिजन -अपने बच्चे मानकर ढुंढवाओ
सिक्किम रोड पर तीस्ता नदी में समाई कार नहीं मिली
बूंदी. पश्चिम बंगाल ( Bengal ) सिक्किम रोड पर तीस्ता नदी (Teesta river ) में समाई कार ( Car falls into Teesta River r ) रविवार को पांचवे दिन भी नहीं निकली। कार में बूंदी के तीन युवक सवार थे जो गंगटोक ( Gangtok ) घूमने जा रहे थे। इनमें से एक युवक का शव मिल गया, लेकिन दो युवकों के बारे में अभी तक कोई खबर नहीं मिली। दोनों ही युवकों के परिजन रविवार को भी तीस्ता नदी ( Teesta River ) के किनारे टकटकी लगाकर देखते रहे। उन्होंने अभी भी अपनों के सही सलामत मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी। नदी में रेस्क्यू टीम ( Rescue Team ) की हलचल दिखी, लेकिन मौके पर मौजूद परिजनों ने इसे नाकाफी बताया।
उनका आरोप है कि पश्चिम बंगाल सरकार ( West Bengal Government ) कार ड्राइवर और बूंदी के दोनों युवकों की तलाशी के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं कर रही। इसी का परिणाम है कि रविवार को पांच दिन बीत गए, कहीं से कोई खबर नहीं मिली रही। यहां तक की शनिवार को कार की लोकेशन मिल गई थी, जिसे भी दूसरे दिन तक बाहर नहीं निकाल पाए। उल्लेखनीय है कि बूंदी के कागदी देवरा निवासी 24 वर्षीय गोपाल नरवानी और देवपुरा निवासी 28 वर्षीय गौरव का अभी तक पता नहीं चला है।
सरकार सेना की मदद क्यों नहीं ले रही
सिलीगुडी में मौजूद लापता युवकों के भाई दीपक व आकाश ने राजस्थान व केंद्र सरकार से तत्काल सेना की मदद दिलाने की गुहार लगाई। वे लगातार मीडिया को बयान देते दिखे कि पश्चिम बंगाल सरकार इस मामले में कतई गंभीर नहीं दिख रही। जिन एनडीआरएफ के जवानों के भरोसे तलाशी अभियान चलाया जा रहा है वे पानी के भीतर जाने में भी कतराते हैं।
शील्ट भर गई, जगह से हटगई कार
पानी के अंदर रेस्क्यू कर रहे जवानों ने नदी किनारे परिवारजनों को बताया कि कार के ऊपर शील्ट जमा हो गई है। शनिवार को जहां से कार का दरवाजा क्रेन में फंसा था, रविवार को कार उस जगह से आगे चली गई। दूर तक तलाशा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।इधर, रेस्क्यू टीम नदी में दोनों युवक सहित कार ड्राइवर की चहुंओर से तलाशी में जुटी रही।
अपने बच्चे मानकर ढूंढवाओ
बूंदी के देवपुरा निवासी गौरव की पत्नी आशा शर्मा ने कहा कि उन्हें किसी तरह की मदद नहीं मिल रही। गौरव का छोटा भाई घटना स्थल पर मौजूद रहकर बार-बार यही कह रहा है कि रेस्क्यू के दौरान कोई गंभीरता नहीं बरती जा रही। रविवार को पांच दिन हो गए। सरकार भी कोई ठोस निर्णय नहीं कर रही। केवल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का फोन आया था। सभी लोग मिलकर गौरव को ढूंढवा दो। मां यशोदा शर्मा की रुलाई थम नहीं रही। उसने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार इन्हें अपने बच्चे मानकर ढूंढवाने में मदद करें। अभी भी विश्वास है कि बच्चे सकुशल हैं। उल्लेखनीय है कि गौरव की पत्नी मां बनने वाली है। घर में छह दिन पहले ही हंसी-खुशी का माहौल था।
Published on:
15 Jul 2019 09:00 am
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