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सरकार द्वारा दागी अधिकारियों को बचाना लोकतंत्र का गला घोटना : बापना
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सरकार द्वारा दागी अधिकारियों को बचाना लोकतंत्र का गला घोटना : बापना

कोटा. पूर्व राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट बापना ने रविवार को कहा कि सरकार द्वारा अधिकारियों को बचाने वाला काला कानून लाना लोकतंत्र का गला घोटना है।
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कोटा

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abhishek jain

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Updated: 18 Feb 2018, 6:20 PM IST

कोटा.

पूर्व एडवोकेट जनरल गिरधारी लाल बापना ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से दागी अधिकारियों को बचाने के लिए काला कानून लाना लोकतंत्र का गला घोटना है। कोटा में रविवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा, काले कानून का घोर विरोध हुआ है। सरकार ने इसे प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। ये कानून किसी सूरत में नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार में सुनवाई नहीं होती इसलिए लोग न्यायालय की शरण ले रहे हैं और मुकदमों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकार की सुनवाई का सिस्टम ठीक नहींं है।

 

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सरकार के खिलाफ मुकदमे ज्यादा
बाफना ने कहा कि लोगों की समस्या का समाधान प्राथमिक स्तर पर ही होना चाहिए। समाधान नहीं होने के कारण लोग अदालत तक पहुंच रहे हैं। लोगों के आपसी मुकदमे कम हैं, सरकार के खिलाफ न्यायालयों में मुकदमे अधिक हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय में खाली चल रहे न्यायाधीशों के पद भी भरे जाने चाहिए। हाईकोर्ट की बैंच के मामले में पूछ गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राजस्थान में सभी जिला मुख्यालयों पर इसकी मांग की जा रही है। सरकार कहां खोलती है ये उसकी नीतिगत मामला है।