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कोटा. मुंबई में रेलवे ओवरब्रिज गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इसकी जांच रेलवे संरक्षा आयुक्त को सौंपी गई है। साथ ही, अब पुलों की सेफ्टी ऑडिट भी कराई जाएगी। दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर कई पुलों को मरम्मत की दरकार है। इसके साथ कई जगह लोगों को आने-जाने की खुली छूट के चलते लोग भी पुलों पर आते-जाते हैं। राजस्थान पत्रिका ने मुंबई हादसे के बाद कोटा जंक्शन के निकट चंबल नदी पर बने रेलवे पुल की सुरक्षा का जायजा लिया तो यहां सुरक्षा में चूक नजर आई।
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यहां रेलवे ने बोर्ड लगा रखा है कि रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत यह आम रास्ता नहीं है, यहां अनधिकृत प्रवेश करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसी बोर्ड के पास से दुपहिया वाहन पुल के किनारे ट्रेकमैन के निकलने के लिए बनी साइड से धड़ल्ले से निकल रहे हैं। एेसे में ट्रेन की चपेट में आने से कभी भी हादसा हो सकता है। इतना ही नहीं पुल के लिए नीचे बने सुरंगनुमा गलियारे में भी कोई भी आ-जा सकता है। पुल के पिलर पर पूजा स्थल बना
हुआ है, इसके पास भी लोग घूमते रहते हैं।
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जगह-जगह खतरा है
इस रेलवे पुल की स्लिप लेन जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। एेसे में यहां हर पल हादसे का खतरा रहता है। पुल से गलियारे में उतरने के लिए सीढि़यां बनी हैं। रोक-टोक नहीं होने से कोई भी यहां जा सकता है।
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अलग से विभाग, फिर भी ये हाल
रेलवे में पुलों की देखरेख और निरीक्षण के लिए इंजीनियरिंग विभाग है, अलग से निर्माण विभाग भी है। इसके अलावा अवांछित लोगों को रोकने के लिए सुरक्षा बल है। इसके लिए कानून भी बना है, लेकिन फिर भी सुरक्षा और संरक्षा की दृष्टि से चंबल पुल पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
Published on:
5 Jul 2018, 4:03 PM IST
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