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Blood Bank तो सुना होगा, अब जानिए Bone Bank और Heart Attack से बचाव के घरेलु उपचार

कोटा. आपने ब्लड बैंक का नाम तो सुना है, लेकिन बड़े अस्पतालों में बोन बैंक भी होते है। जो कई बार जीवनदान देते हैं।

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कोटा

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abhishek jain

Nov 19, 2017

Bone Bank

कोटा .

राजकीय मेडिकल कॉलेज कोटा की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने आयोजित रजत जयंती समारोह के तहत लगाई गई दो दिवसीय जीव विज्ञान (साइंस ऑफ लाइफ) प्रदर्शनी का रविवार को समापन हो गया। यहां अलग-अलग करीब 40 विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। मानव संरचना की हर चीज को दिखाया गया। साथ ही बोन बैंक व ह्दयघात से बचाव के घरेलु उपचार के बारे में भी बताया गया। आइए विस्तृत रूप से जानते हैं क्या है बोन बैंक व ह्दयघात से बचाव के घरेलु उपचार।

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बोन बैंक से मिल सकता जीवनदान

आपने ब्लड बैंक व आई बैंक का नाम तो सुना है, लेकिन मेडिकल साइंस में बड़े अस्पताल में बोन बैंक भी होते है। कोटा में यह सुविधा फिलहाल नहीं है, लेकिन मेट्रो शहर में जरूर है। कोटा में मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी विभाग में भविष्य में बोन बैंक बनाने की संभावना रहेगी। इसके मॉड्ल्स को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया। एनाटॉमी विभाग की हैड प्रतिमा जायसवाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में देहदान की व्यवस्था की हुई है। कॉलेज को हर साल करीब 12 डेड बॉडियों की जरूरत पड़ती है। लोगों को जागरूकता के चलते ही बोन बैंक को दिखाया गया।

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वर्तमान में देश में 1999 में एम्स में अकेला बोन बैंक बना है। बोन बैंक में माइनस 40 से 70 डिग्री सेन्टीग्रेड तापमान पर फ्रिजर में एक साल तक देहदानियों की हड्डियों को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसमें अन्य उपकरण भी होते है। खास बात यह है कि किसी दुर्घटना में गंभीर घायल होने व हड्डियां चकनाचूर होने पर देहदानियों की हड्डियों को सर्जरी से जोड़ दूसरे रोगियों को जीवनदान दिया जा सकता है।

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ह्दयघात रोग से घर पर ही प्राथमिक उपचार
घर पर चलते-फिरते ह्दयघात हो जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। उसके बचाव के लिए घर पर ही कई नुस्खे है, जिससे ह्दयघात से बचा जा सकता है। कुछ इसी तरह की जानकारी एग्जीबिशन में दी गई। डॉ. ओजस्व दवे व डॉ. नवीन मेहरा ने बताया कि हार्ट अटैक से बचाव की दवा को डिस्पले किया है।

इसमें बताया गया है कि जब भी हार्ट अटैक आए तो बचाव के लिए तुरंत घर पर डिस्प्रेन 375 एमजी की टेबलेट को चूरकर दे सकते है। यह गोली रक्त को पतला व खून का थक्का रोकने में कारागर साबित होती है। इससे रोगी रास्ते या घर पर मृत्यु होने से बच सकता है।