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BJP विधायक के बिगड़े बोल…’मुआवजे के लिए झूठ बोलते हैं मृतक किसानों के परिजन’

सांगोद से भाजपा विधायक हीरा लाल नागर ने कहा कि हाड़ौती में एक भी किसान खेती में घाटे की वजह से नहीं मरा। परिजन झूठ बोलते हैं ।
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कोटा

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Shailendra Tiwari

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Updated: 26 May 2018, 10:36 PM IST

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भाजपा विधायक का बेतुका बयान..मुआवजे के लिए झूठ बोलते हैं परिजन

कोटा . सांगोद से भाजपा विधायक हीरा लाल नागर ने शनिवार को यहां कहा कि हाड़ौती में एक भी किसान खेती में घाटे की वजह से नहीं मरा। उनके परिजन झूठ बोलते हैं, यदि स्वतंत्र जांच करा ली जाए तो पोल खुल जाएगी।

और इस तरह...काली कमाई का दवाखाना जब्त हुआ


केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के चार साल पूरे हो जाने के मौके उपलब्धियां गिनाने को शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि पत्रकारों से बात कर रहे थे। इसी दौरान जनप्रतिनिधियों से जब पत्रकारों ने किसानों की मौत की वजह पूछी तो सांगोद विधायक हीरा लाल नागर बोले कि 'किसानों को लगता है कि फसल की वजह से मरेंगे तो उनका लोन माफ हो जाएगा। ....परिजन सोचते हैं कि मौत की वजह खेती में घाटा या फसलों में नुकसान बताएंगे तो सरकार मुआवजा दे देगी। सच्चाई यह है कि खेती में घाटे की वजह से एक भी किसान नहीं मरता।

स्वच्छता के मामले में अब जयपुर ने हासिल किया यह मुकाम....

विधायक नागर यहीं नहीं रुके, बोले कि किसान तो हर साल कर्जा लेकर ही खेती करता है। उन्होंने देवली मांझी के बृजनगर निवासी मृतक किसान हुकुम चंद मीणा का उदाहरण देते हुए कहा कि उसके ऊपर पिछले 8-10 साल से कर्जा था। ऐसे में कैसे कह दिया जाए कि कर्ज की वजह से उसकी मौत हुई।

स्वतंत्र जांच से खुल जाएगी पोल

नागर ने कहा कि किसानों की मौत के पीछे उनके पारिवारिक व अन्य दर्जनों कारण हैं। जब पुलिस जांच करती है तो इनका खुलासा होता है। सवाल बढ़े तो नागर पत्रकारों से बोले कि स्वतंत्र एजेंसी से या फिर खुद जाकर गांव में जांच कर लें, सारी पोल खुल जाएगी।

मंडी अफसरों का किया बचाव
मंडी में लहसुन की खरीद न किए जाने के सवाल पर नागर ने कहा कि लगातार खरीद हो रही है। छर्रा (छोटी गांठ) लहसुन की तो कभी खरीद नहीं की गई। हमेशा किसान पहले से ही उसे छांटकर लाता था और पूरी फसल में जो दो चार बोरे निकलते थे उन्हें 10-20 रुपए में बेच जाता था। अब किसान छंटाई करने के बजाय अच्छे लहसुन में ही उसे मिलाकर ला रहा है इसलिए मंडी में उसे अलग कर दिया जाता है। जिस लहसुन का पर्दा ढीला है या फिर रंग खराब है उसको ही मंडी कर्मचारी पास नहीं कर रहे।

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