
कोटा. चंद्रेसल मठ के पास चंद्रलोई नदी में सोमवार को मगरमच्छ द्वारा ( Crocodile attack ) बालक पर हमला कर पानी में खींच ले जाने के बाद मंगलवार सुबह उसका शव नदी में मिल गया है। बालक का शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो चुका है। सूचना पर पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ( Former MLA Bhawani Singh Rajawat ) व भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे और 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग को लेकर नॉर्दन बाइपास ( northern bypass kota ) पर प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहनों की कतारें लग गई। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया।
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राजावत ने कहा कि जब तक प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे और दस लाख का मुआवजा देने की घोषणा नहीं करेंगे तब तक शव को सड़क से नहीं उठाया जाएगा। जाम लगाने से दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई। बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए।
शहर उपाध्यक्ष हुसैन देशवाली ने बताया कि काफी समय तक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि 10 मिनट में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो शव उठाकर रेलवे ट्रेक पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद प्रशासन में हड़कम्प मच गया और वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और पांच लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा के बाद मामला शांत हुआ। इसमें 4 लाख रुपए वन विभाग व एक लाख रुपए राज्य सरकार द्वारा मुआवजा राशि के रूप में पीडि़त परिवार को दी जाएगी। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री मुकुट नागर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
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गौरतलब है कि सोमवार दोपहर 3 बजे बालक मनीष भील अपने दो अन्य साथियों के साथ नदी ( Chandraloi River ) में नहा रहा था। तभी अचानक वह एनीकट में बह गया। कुछ दूर उसे मगरमच्छों (crocodile attack ) ने शिकार बना लिया। मगरमच्छों ( crocodile Terror ) ने उसके सिर पर प्रहार किया। इसके बाद करीब 100 मीटर तक खून बहता हुआ दिखा, लेकिन बच्चा नजर नहीं आया। रातभर सर्च ऑपरेशन चला लेकिन सुराग नहीं लग सका। मंगलवार सुबह 10 बजे करीब शव नदी में मिल गया।