
कोटा .
नगर निगम प्रशासन शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चाहे कितने ही प्रयास कर रहा हो, लेकिन जब तक धरातल पर आकर शहर को नहीं देखा जाएगा तब स्मार्ट सिटी ख्वाब ही रहेगी। हकीकत तो यह है कि अभी भी शहर के वार्डों में कई कॉलोनी, मोहल्ले व बस्तियों के बाशिन्दे मूलभूत समस्याओं के लिए ही तरस रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल वार्ड 14 स्टेशन क्षेत्र स्थित खेड़ली फाटक की नंदा की बाड़ी का है।
इस इलाके की सुध तो यहां की वार्ड पार्षद तक ने नहीं ली, इससे लोगों में रोष है। लोगों के अनुसार तो पार्षद पिछले एक साल से सुध लेने नहीं आई। अब तो क्षेत्रवासी भी थक हार कर समस्याओं से समझौता कर बैठे हैं। लोगों ने बताया कि यहां एक जगह तो 25 साल से कचरे का ढेर लगा है। इस जगह से कचरा हटाने के लिए लोग विधायक से लेकर वार्ड पार्षद व जिला कलक्टर को भी लिखित शिकायत कर चुके। ये स्थान अब मिनी ट्रेचिंग ग्राउंड बन गया है। यहां के निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
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पार्क की दरकार
नंदा की बाड़ी में एक मार्ग तो 25 साल से तस का तस है। सड़क यहां बनी ही नहीं। वहीं प्रमुख नाले की साल में एक बार सफाई होती है। गंदगी के साथ लोगों को बदबू का सामना भी करना पड़ रहा है। रोड लाइटें नहीं जलती। यहां कुछ क्षेत्र सेना का है जिसका समाधान भी नहीं हो रहा है। पार्क नहीं हैं जिससे बच्चें सड़कों पर ही खेलते हैं।
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बीमारियां बढ़ी, सुविधाएं घटी
क्षेत्रवासी कहते हैं कि यहां सुविधाएं कम हो रही हैं वहीं बीमारियां बढ़ रही है। यहां कचरा जलाया जाता है जिसका धुंआ लोगों को बीमार कर रहा है। गंदगी से मच्छर पनप रहे हैं। मलेरिया, डेंगू के रोगी भी यहां अधिक मिले हैं। उसके बाद भी प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। आवारा मवेशियों के चलते खाली प्लाट तबेला बन गए हैं। क्षेत्र में नालियां नहीं होने से घरों का गंदा पानी सड़कों पर बहता है।
आशा सैनी का कहना है कि 5 साल से यहां रह रहे हैं, लेकिन किसी ने यहां की सुध नहीं ली। गंदगी के चलते बच्चे बाहर खेल नहीं सकते। कचरा घरों में उड़कर वापस आता है।
नंदकिशोर का कहना है कि प्रमुख नाला जाम है। लोगों ने इस नाले पर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे यह समय पर साफ नहीं हो पाता। वार्ड पार्षद भी कोई ध्यान नहीं दे रही। स्कूल की बिल्डिंग खंडर हो गई जहां समाजकंटक रात को बैठे रहते हैं।
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राजकुमार सिंह का कहना है कि सेना की जगह पर कोई कार्य नहीं हो सकता जिस कारण यहां गंदगी रहती है। सफाईकर्मी कचरा डाल जाते हैं। मना करते हैं तो मारपीट को उतारू हो जाते हैं।
सीताराम गोचर का कहना है कि गंदगी तो समस्या है ही, लेकिन यहां कचरा भी जलाया जाता है। जिसके कारण श्वांस लेने में परेशानी होने लगी है। सफाईकर्मी सफाई करने नहीं आते। स्वयं को सफाई करनी पड़ रही है।
वीरेन्द्र गौतम का कहना है कि सालों से सड़कें नहीं हैं। बच्चों को स्कूल जाने में व गाडिय़ां निकालने में भी परेशानी आती है। नालियां तक नहीं है। पानी सड़कों पर आता है। क्षेत्र में भी नाले जाम हैं।
पार्षद वार्ड 14 ममता महावर का कहना है कि समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। सड़क, नालियां व अन्य कार्य के टेंडर हो गए हैं। रेत मिलना शुरू होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
Published on:
02 Feb 2018 10:11 am
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