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कोटा की याद आती है, लॉकडाउन खुलते ही फिर आएंगे…

कॅरियर से केयर सिटी के रूप में बनाई पहचान  
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कोटा से कोचिंग स्टूडेंट्स की सबसे बड़ी व सफल घर वापसी की देशभर में चर्चा, लॉकडाउन के दौरान 55 हजार से अधिक स्टूडेंट्स का घर जैसा रखा ख्याल।

कोटा. कोटा शहर में कोरोना संक्रमण से पीडि़त रोगियों की रिकवरी रेट बहुत बेहतर है। कोटा में अब केवल 84 एक्टिव केस रह गए हैं। वहीं लॉकडाउन 4.0 (Lock Down) भी समाप्ति की ओर है। प्रशासन और चिकित्सा विभाग की आेर से कोटा को ग्रीन जोन में लाने के प्रयास तेजी से हो रहे हैं। इस बीच कोटा से अपने घर गए विद्यार्थी विभिन्न राज्यों में जाकर कोटा को फिर से याद कर रहे हैं और लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पुन: यहां आ सकें।

आगरा के विद्यार्थी अभिमन्यु ने बताया कि हालात सामान्य होने पर वे जल्द कोटा आकर पढऩा चाहते हैं। कोचिंग संचालकों से विद्यार्थी लगातार संपर्क में हैं। पत्रिका की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर स्टूडेंट्स का भविष्य बनाने के लिए पहचाने जाने वाले कॅरियर सिटी कोटा ने देश में लॉकडाउन में अलग पहचान स्थापित की है। यह पहचान अब कॅरियर से केयर सिटी के रूप में बनी है। कोटा में लॉकडाउन में जिस तरह उनका ध्यान रखा गया, उसे याद करके बच्चों ने एक दिन में जिला कलक्टर ओम कसेरा को 56 हजार ट्विट कर आभार जाताया। कोचिंग संचालकों के पास भी इस तरह ट्विट लगातार आ रहे हैं।

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कोरोना प्रूफ रहा कोचिंग एरिया

लॉकडाउन के दौरान कॅरियर सिटी कोटा को केयर सिटी कोटा कहा गया, क्योंकि यहां स्टूडेंट्स की अभूतपूर्व केयर का उदाहरण प्रस्तुत किया गया। कोचिंग छात्र जिन इलाकों में रहते हैं वहां कोरोना नहीं पहुंच पाया। यहां हर विद्यार्थी अलग कमरे में रहता है, इसलिए सोशल डिस्टेंस की पालना होती रही है। पूरे देश से यहां मेडिकल व इंजीनियरिंग(Engineering)प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने आए स्टूडेंट्स जब लॉकडाउन में अटक गए तो उन्हें घर की तरह रखा गया, उनकी हर छोटी-बड़ी जरूरतों का ख्याल रखा गया। हेल्पलाइन के जरिए स्टूडेंट्स के हॉस्टल और पीजी तक हर मदद समय पर पहुंचाई गई। यही कारण है कि स्टूडेंट्स ही नहीं पेरेन्ट्स ने भी कोटा के जिला प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और कोचिंग संस्थानों के प्रयासों को दिल से स्वीकारा।


पढ़ाई का रखा ध्यान
कोटा में लॉकडाउन के बाद स्टूडेंट्स (Students) को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया गया। जैसे ही कोविड-19 कोरोना के संक्रमण की बात सामने आई और लॉकडाउन का लम्बा चलना तय हुआ। तभी से कोटा के कोचिंग संस्थानों ने स्टूडेंट्स को हॉस्टल में रहकर ही पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्हें नि:शुल्क टेस्ट सीरीज ऑनलाइन मोड पर उपलब्ध करवाई गई। उनके लिए विशेष डिजिटल क्लासेज शुरू कर दी गई, जिससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई में बाधा नहीं आई। इसके अलावा स्टूडेंट्स को मेंटर टीचर्स से कनेक्ट कर ऑनलाइन वीडियो काउंसलिंग और गु्रप डिस्कशन शुरू किए गए। इससे स्टूडेंट्स लगातार मोटिवेट होते रहे। वे अच्छे माहौल में रहते हुए अपनी परीक्षा की तैयारी की तरफ आगे बढ़ते रहे।

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25 राज्यों के बच्चों के लिए हेल्पलाइन बनी मददगार
कोचिंग सिटी (Coaching city)में जिला प्रशासन और कोचिंग सस्थानों ने मिलकर स्टूडेंट्स की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किए। कोटा से देश में सबसे अधिक कोचिंग स्टूडेंट्स की सकुशल व स्वस्थ घर वापसी हुई। यहां से 25 राज्य और 5 केन्द्र शासित प्रदेशों के 55 हजार से अधिक स्टूडेंट्स सकुशल घर पहुंचे। इसमें 16 ट्रेन से झारखंड व बिहार तथा 1030 बसों से अन्य राज्यों को स्टूडेंट्स गए। जब स्टूडेंट्स घर पहुंचे तो अभिभावकों ने कोटा को केयर सिटी की संज्ञा दी।


फेक्ट

1 लाख 75 हजार औसत विद्यार्थी हर साल कोटा आते हैं
12 बड़े कोचिंग संस्थान

50 छोटे कोचिंग संस्था
3 हजार हॉस्टल

1500 मैस और रेस्टोरेंट
50000 छात्राएं अध्ययन करने आती हैं

25 राज्य 5 केन्द्र शासित राज्यों के बच्चे आते हैं