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धनतेरस पर खुला कुबेर का खजाना तो कोटावासियों ने की 500 करोड़ की खरीददारी

कोटा. धनतेरस के साथ मंगलवार से पंच महापर्व का आगाज हो गया। बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है।

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कोटा

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abhishek jain

Oct 17, 2017

Dhanteras Shopping in Kota

कोटा .

स्याह रात में उजाल के उल्लास का पांच दिवसीय पर्व दीपावली की मंगलवार से शुरुआत हो गई। धनतेरस पर शहर के बाजारों में दनादन धनवर्षा हुई। यूं माने कि सुबह 10 से देर रात तक शहर के प्रमुख बाजार, शोरूम, दुकानें ग्राहकों से अटी रही। शोरूमों पर ग्राहक विभिन्न उत्पाद पसंद करते रहे। दिनभर बाजारों में ग्राहकों, वाहनों की रैलमपेल रही। गुमानपुरा, सब्जीमंडी, इंदिरा मार्केट के हालात तो ऐसे थे कि लोगों के कंधे से कंधे छू रहे थे। यहां दोपहर 12 से रात नौ बजे तक यही हालात देखे गए। शहर में एक मोटे अनुमान के मुताबिक 500 करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।

बिक गए 150 करोड़ के वाहन
शहर में संचालित ऑटो मोबाइल शोरूमों पर दिनभर ग्राहकों की पूछ परख रही। वे टू व्हीलर, फोर व्हीलर के विभिन्न मॉडल पसंद करते रहे। कई ग्राहक तो परिवार सहित शुभ मुहूर्त देख कर शोरूमों पर वाहन खरीदने पहुंचे। जो नए वाहन पर सवार होकर सीधे मंदिरों पर पूजा कराने पहुंचे। ऑटो मोबाइल व्यवसायियों के मुताबिक शहर के विभिन्न शोरूमों पर धनतेरस पर 800 कारें, करीब 4000 बाइक, 200 से अधिक हेवी व्हीकल ब्रिकी का अनुमान है। जिससे करीब 150 करोड़ का ऑटोमोबाइल सेक्टर में बिजनेस होने की संभावना है।

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खनके बर्तन, सिक्के

शहर के रामपुरा, ठठेरा बाजार में सजी बर्तनों की दुकानों पर दिनभर गा्रहक खरीदारी में लगे रहे। जहां पर ग्राहक शगुन के तौर पर बर्तन खरीदने पहुंचे। किसी ने भगौनी, चम्मच, गगरा तो किसी ने कूकर, थाली, कटौरी, स्टील की टंकी आदि की खरीद की। अलौह धातु व्यापार संघ के महासचिव रवि जैन ने बताया कि बर्तन विक्रेताओं की 500 से अधिक दुकानें है। धनतेरस पर लोग घर में नई धातु का प्रवेश शुभ मानते हैं। ऐसे में ग्राहक अपनी हैसियत के मुताबिक छोटे, बड़े बर्तनों की खरीद करते हैं। वहीं रामपुरा, न्यू सर्राफा बाजार, चौथमाता बाजार, शोपिंग सेन्टर, गुमानपुरा, रेलवे स्टेशन, महावीर नगर, तलवंडी स्थित शोरूमों पर दिनभर ज्वैलरी खरीदने लिए ग्राहकों में उत्साह नजर आया।

तलवंडी स्थित पारस ज्वैलर्स शोरूम के निदेशक पीयुष जैन ने बताया कि अब लोगों की डिमांड बदलने लगी है। पहले महिलाएं जहां हैवी व टे्रडिशनल डिजाइन की ज्वैलरी ज्यादा पसंद करती थी। अब लाइटवेट की कम्प्यूटराइज्ड ज्वैलरी खरीदना ज्यादा पसंद करती है। धनतेरस पर भी अधिकांश युवतियां, गृहिणियों ने डायमंड, सिल्वर, गोल्ड ज्वैलरी खरीदी।

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नए परिधानों से सजे शोरूम
इस साल लोगों का दीपावली पर परिधानों की खरीद पर ज्यादा रुझान है। अन्य प्रोडक्ट की अपेक्षा लोग परिधान खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। इसके चलते शहर के रेडिमेड गारमेंट्स शोरूम, दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। ग्राहकों को लुभाने के लिए शोरूम संचालकों ने भी फेस्टीवल सीजन में कई ऑफर निकाल रखे हैं। जिनका ग्राहक भरपूर फायदा उठा रहे हैं।

परिधान लाइफ स्टाइल शोरूम संचालक अनिल इसरानी, लाल रेडिमेड के जितेंद्र वाधवानी ने बताया कि फेस्टीवल सीजन में वैसे तो दशहरा से ही ग्राहकी शुरू हो जाती है। लेकिन दीपावली पर ग्राहकी का विशेष जोर रहता है। धनतेरस से ही ग्राहक कपड़े खरीदने पहुंचते है। पांच दिन के इस त्योहार में तीन दिन जमकर कारोबार होता है।

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स्वदेशी ब्रांड में किड्स पटाखे

शहर के विभिन्न बाजारों में आतिशबाजी का कारोबार भी चरम पर है। करीब एक सप्ताह से लोग बाजारों में आतिशबाजी खरीदने पहुंच रहे हैं। जहां पर लोग मनपसंद की आतिशबाजी खरीद रहे हैं। थोक पटाखा व्यवसायी जनरल मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार जैन ने बताया कि शहर में पटाखा कारोबार के लिए 700 लाइसेंस जिला प्रशासन ने जारी किए हैं। प्रत्येक दुकान पर दीपावली सीजन में औसत 50 हजार का कारोबार हो जाता है। इस बार बाजार में स्वदेशी आतिशबाजी नजर आ रही है। शिवकाशी के स्टैंडर्ड, कोक ब्रांड के पटाखों में बच्चों के पसंद के नए ब्रांड के पटाखे आए हैँ। इनमें सीटी फूलझड़ी, सीटी चक्कर, बटर फ्लाई, डिस्को लाइट, डिस्को फ्लैश, क्रेक साउंडर आदि आतिशबाजी प्रमुख है।

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इलेक्ट्रोनिक्स बाजार में लुभा रहे ऑफर
इलेक्ट्रोनिक बाजार में ऑफर, कम्पनियों की स्कीम ग्राहकों को लुभा रही है। सेल्स मैन ग्राहकों को रेफ्रिेजरेटर, माइक्रोओवन, एयर कंडीशनर, एलईडी, होम थियेटर आदि उत्पाद पसंद कवा रहे हैें। आनंद इलेक्ट्रोनिक्स के निदेशक प्रभजोत सिंह आनंद बताते हैं कि फेस्टीवल सीजन में विभिन्न कम्पनियों ने ग्राहकों को विशेष ऑफर दिए हैं।

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रियल एस्टेट कारोबार में दिखा रुझान

कई लोगों ने शुभ मुहूर्त में अचल सम्पत्तियों के सौदे किए। जिन्होंने प्रोपर्टी डीलरों, कॉलोनाइजरों, रियल एस्टेट कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंच कर प्लाट, फ्लैट, दुकानों व आगामी प्लानिंग के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कई लोगों ने प्रोपर्टी में निवेश भी किया। वहीं कई लोगों ने व्यवसाय शुरू करने के लिए दुकानें खरीदी। तो किसी ने मल्टी स्टोरी, अपार्टमेंट में फ्लैट के सौदे किए।

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सज गई खील-बताशे की दुकानें

कोटा. धनतेरस के साथ मंगलवार से पंच महापर्व का आगाज हो गया। दीपावली 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है। छोटे-बड़े व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों को ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए सजाया है। शहर में फुटकर दुकानदारों ने दुकानें सजा लीं हैं।

खील-बताशे, घड़े, दीपक, रूई, देवी पूजन की सामग्री समेत अन्य दुकानें बाजार में लगी हैं। इन पर ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी है। परमल, खील-बताशों के विक्रेताओं के अनुसार 8 से 10 दिन पहले से लोग खरीदारी शुरू कर देते हैं। मुख्य खरीदारी धनतेरस से शुरू होकर दीपावली तक चलती है।

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भावों में खास असर नहीं
भावों को लेकर दुकानदारों का मानना है खील-बताशों के भाव में पिछले साल की तुलना में कोई खास असर नहीं आया है, वहीं दीपक के भावों भी वैसे ही हैं। दुकानदार अब्दुल सलाम के अनुसार देवी लक्ष्मी के लिए खील-बताशों को मिलाकर 30 से लेकर 40 रुपए का 250 ग्राम प्रसाद मिल रहा है। शक्कर के खिलौने, परमल, ज्वार व मक्का, मूंगफली व चने का भाव कमोबेश वही है।

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20 रुपए के 25 दीपक

बाजार में रंग-बिरंगे दीपक सजे हैं। गुमानपुरा क्षेत्र में विक्रेता धर्मेन्द्र प्रजापति के अनुसार सामान्य दीपक 20 रुपए के 25 मिल रहे हैं। पूजन के लिए कलश सादा व डिजाइनदार हैं। 30 से लेकर 50 रुपए तक के कलश मिल रहे हैं। महापर्व पर मटकियों की भी खासी मांग रहती है। विक्रेता धर्मेन्द्र की मानें तो बाजार में 60 से 200 रुपए तक की मटकी उपलब्ध है।