स्थानीय दुकानदार गंगाबिशन बंसल का कहना है कि इस काउंटर को हटाने के लिए व्यापार संघ तक को भी शिकायत कर दी, निगम, पुलिस में भी शिकायत कर दी है। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं कर रहे। सब के सब जलेबी की चाशनी में डूबे हुए हैं। कांउटर संचालक ने अब तो इतनी मनमानी करना शुरू कर दिया कि सीढिय़ों पर पानी के कैम्पर, स्टूल, कुर्सियां रखना शुरू कर दिया। शिकायत पर दिन में कार्रवाई करने आते हैं, जबकि यहां जलेबी का काउंटर शाम चार बजे लगता है, जो रात दस बजे तक लगता है। निगम वाले शाम को आएं तो आंखें खुले।