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Rain In Rajasthan: टापू बने स्कूल, दरिया बने रास्ते

कोटा और आसपास के इलाकों की बारिश ने सरकारी स्कूलों की पोल खोल दी है। स्कूलों बैठना तो दूर,  वहां पहुंचना भी किसी परीक्षा से कम नहीं लग रहा।
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कोटा

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Vineet Kumar Singh

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Updated: 11 Aug 2017, 10:21 AM IST

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बारिश ने बनाया स्कूलों को दरीया

बारिश...बारिश...और बारिश। तीन दिन तक चली झमाझम बारिश ने कोटा के जन-जीवन को पूरी तरह से तरबतर कर दिया। एक और बारिश से लोगों के चेहरों पर मुस्कान खिलती दिखाई दी, वही दूसरी और समस्याएं भी खड़ी कर दी हैं। नदी-नाले उफान पर है...सड़कों पर पानी जमा है...गढ्ढे इतने की सड़को पर रास्ते खोजना मुश्किल लग रहा है। वहीं बच्चों के लिए भी तकलीफे कम नहीं हैं। बरसात ने बच्चों का स्कूलों तक पहुचना मुश्किल कर दिया है।

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गंदे नालों का पानी सड़कों के साथ स्कूल परिसरों में भी घुस गया है। पानी मैदान से होता हुआ क्लास रूम तक जा पहुंचा। स्कूलों में बने दो-दो फीट के दरियायों से तो जैसे तैसे निकला भी जा सकता है। लेकिन क्लास रूम में जाने के बाद बैठने के लिए जगह तलाशनी पड़ती है। कुछ स्कूलों की हालत तो इतनी खराब हो गई की बच्चों की छुटï्टी तक करनी पड़ गई। इसके बाद भी प्रशासन है कि अपनी नींद उडऩे को तैयार नहीं है।

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स्कूल में घुसा नाले का पानीकोटा के पास स्थित राजकीय उ. मा. विद्यालय देवली अरब में बरसाती पानी भरने से बच्चों की छुट्टी करनी पड़ी। स्कूल के पास से नाला गुजर रहा है। स्कूल में सीवरेज लाइन भी निकल रही है। चारदीवारी टूटी होने से सीवरेज व नाले का गंदा पानी स्कूल में भर गया। स्टाफ कक्ष में दो-दो फीट पानी आ गया। छतें टपक रही थी छात्रों के बिठाने की जगह नहीं होने से छुट्टी करनी पड़ी। स्कूल में 500 से ज्यादा विद्यार्थियों पढऩे आते हैं। हर साल नाले का पानी स्कूल में भरता है। निगम को कई बार अवगत करवाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

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जलीय जीवों से भी किया सामना

राजकीय माध्यमिक विद्यालय नया नोहरा में भी नाले में ओवरफ्लो होने की वजह से गंदा पानी स्कूल में भर गया। इतना ही नहीं स्कूल भवन चारों ओर से पानी से घिर गया। स्कूल में दो सौ बच्चों है। शिक्षक और बच्चों को घुटनों तक पानी से होकर स्कूल आना पड़ा। यहां बच्चों को जलीय जीवों से भी सामना करना पड़ा। वरिष्ठ शिक्षक मिलन गुप्ता ने बताया कि नगर निगम को कई बार नाले को पक्का करने के करवाने के लिए कहा गया है। इससे समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

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वीडियो वायरल हुआ, तब मिला भरोसा

आदर्श राजकीय उ. प्रा. विद्यालय लाडपुरा में बारिश का पानी टपकने का वीडियो बनाकर एक शिक्षक ने संस्था प्रधानों के व्हाट्स एप ग्रुप में डाल दिया। वीडियो वायरल होकर एडीएम प्रशासन सुनीता डागा के पास पहुंचा। डागा ने डीईओ प्रारंभिक रामू मीणा को फोन कर स्कूल के हाल देखने कहा। उस समय डीईओ मीणा जिला परिषद की स्थापना समिति की बैठक में थे। वह तत्काल बैठक छोड़ स्कूल पहुंचे, स्कूल प्रशासन ने पहले ही बच्चों की छुट्टी कर दी। संस्था प्रधान सुरेश मेहरा ने बताया कि क्लास की छत टपकने से बच्चों को बैठाने की जगह नहीं थी। इससे छुट्टी कर दी। डीईओ ने बताया कि स्कूल भवन पुराना है। संस्था प्रधान को भामाशाह के सहयोग से मरम्मत कराने को कहा है।