
बेटे को 30 लाख रुपए का ठेका देने के आरोपों में फंसे वद्र्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) के वित्त नियंत्रक (एफओ) डॉ. फूलसिंह मीणा के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। विवि प्रशासन ने उन्हें तथ्य छिपाने और परिवार को आर्थिक लाभ पहुंचाने की कोशिश करने का आरोपी मानते हुए कार्रवाई करने के लिए सरकार को पत्र लिखा है। इसके बाद कार्रवाई से बचने के लिए एफओ ने वीआरएस मांग लिया है।
आरोप है कि एफओ डॉ. फूलसिंह मीणा ने अपने बेटे की फर्म इम्पल्स सोसाइटी उमर को 'मशीन विद मैन' की सप्लाई का 30 लाख का ठेका दे दिया। कमेटी सदस्य कहीं टेंडर रद्द न कर दें इसलिए एफओ ने इसके लिए बनी केंद्रीय क्रय समिति की अध्यक्षता भी खुद ही की। दो अप्रेल को राजस्थान पत्रिका ने 'वित्त नियंत्रक ने बेटे की फर्म को दे दिया 30 लाख का ठेका' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस मामले का खुलासा किया।
उपलब्ध नहीं हुए मीणा
इस सम्बन्ध में एफओ मीणा से उनके मोबाइल नम्बर 9414045618 पर सम्पर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इस बारे में उन्हें एसएमएस भी किया गया, लेकिन कोई जबाव नहीं आया।
खुद ही रद्द किया टेंडर
घोटाले की पोल खुलते ही कुलपति प्रो. अशोक शर्मा ने एफओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद एफओ ने बैक डेट में ठेका रद्द करने का कार्यालय आदेश जारी कर दिया। इसमें भी कोई ठोस वजह लिखने की बजाय सिर्फ अपरिहार्य कारणों से टेंडर रद्द करना बताया गया।
लम्बी छुट्टी पर गए
विवि प्रशासन ने एफओ मीणा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जानकारी सरकार को देने के साथ ही उनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए भी पत्र लिखा है। जिसकी भनक लगते ही वह लम्बी छुट्टी चले गए। अब उन्होंने समय से पहले ही सेवानिवृत्ति भी मांग ली है।
मैन विद मशीन टेंडर घोटाले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सभी दस्तावेज सुरक्षित करने के साथ ही टेंडर भी रद्द कर दिया है। वित्त नियंत्रक डॉ. फूलसिंह मीणा ने वीआरएस मांगा है, लेकिन पूरे मामले की जांच होने के बाद ही कोई निर्णय होगा।
प्रो. अशोक शर्मा, कुलपति, वद्र्धमान महावीर खुला विवि
Published on:
1 May 2017, 8:58 AM IST
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