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बड़ी खबर: राजस्थान में ‘सोना’ बनी कोटा की राख, 600 में बिक रही मुफ्त में बंटने वाली ‘राख’

सरकार की नजर हटते ही कोटा की राख पर ठेकेदारों ने अवैध कब्जा जमा लिया है। यहां मुफ्त में बंटने वाली राख के 600 रुपए वसूले जा रहे हैं।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 5 Dec 2019, 9:00 AM IST

 Fly ash in MP

Fly ash in MP

कोटा. सरकार की नजर हटते ही कोटा थर्मल ( Kota Thermal Power Plant ) के फ्लाईएश ( Fly ash ) पॉड पर एक बार फिर राख के अवैध कारोबारियों का कब्जा हो गया। ( Flyash in kota ) राख का यह अवैध धंधा लोगों की नजर से छिपा रहे इसलिए मुख्य रास्ता छोड़ डाइक के पीछे से चोर रास्ता निकाल लिया।

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अवैध कारोबारियों ने परंपरागत कुम्हार और फ्लाईएश ब्रिक एसोसिएशन के नाम पर अवैध श्रमिकों की फौज और ठेकेदार डाइक पर तैनात कर दिए हैं। जो अब मुफ्त में बंटने वाली राख को 600 रुपए ट्राली के हिसाब से धड़ल्ले से बेच रहे हैं। कोटा थर्मल में कोयला जलने से हर रोज पांच हजार टन से ज्यादा फ्लाई एश उत्सर्जित होती है। इसमें से करीब 80 फीसदी सूखी और 20 फीसदी गीली एश होती है। थर्मल प्रशासन सूखी एश सीमेंट कंपनियों को बेचता है।

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जबकि फ्लाईएश थर्मल प्लांट के 300 किमी दायरे में स्थापित बीबीटी उद्योगों और सरकारी निर्माण कार्यों में भराव आदि के लिए मुफ्त देने का प्रावधान है, लेकिन गीली राख (बॉटम/वेट एश) के डाइक पर एक बार फिर अवैध कारोबारियों ने कब्जा जमा लिया। यह अवैध कारोबारी परंपरागत कुम्हारों और ब्रिक ब्लॉक टाइल्स (बीबीटी) उद्योगों को राख की मुफ्त सप्लाई देने के नाम पर रोजाना करीब 200 ट्रॉली फ्लाईएश खुलेआम बेच रहे हैं।

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थर्मल प्रशासन ने एश डाइक पर किसी भी तरह की लेबर और ठेकेदार तैनात नहीं किए हैं। हमने सिर्फ बीबीटी उद्योगों और परंपरागत कुम्हारों को उनके क्षमतानुसार राख का मुफ्त उठान करने की अनुमति दी है। इसके लिए उन्हें अपने साथ ही लेबर लेकर आनी होती है, लेकिन यदि कोई राख के लदान और उठान के लिए डाइक पर पैसे वसूल रहा है गलत है। जांच कर कार्रवाई करेंगे।
अजय सक्सेना, मुख्य अभियंता, कोटा थर्मल

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