
विनीत सिंह . कोटा .
किसी ने घटा कहा... तो किसी ने हवा... शायरों ने हसीन जुल्फों की शान में इतने कसीदे पढ़े हैं कि आज भी हर महफिल में इनका जिक्र होता है। शायरों की यह खाम ख्याली मौसम विज्ञानियों के बड़े काम आई। उन्होंने महिलाओं के स्वस्थ और लंबे बालों की मदद से हकीकत में मौसम का मिजाज जानने वाली मशीन इजाद कर डाली। कोटा की मौसम वेधशाला देश की उन चुनिंदा वेधशालाओं में से एक है, जिसमें आज भी इस तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है।
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कोटा मौसम कार्यालय के प्रभारी अधिकारी अजीत पाल भाटिया बताते हैं कि महिलाओं के बाल वातावरण में मौजूद नमी को बड़ी तेजी से अवशोषित (हाइग्रोस्कोपिक) करते हैं। हवा में मौजूद जल वाष्प मिलते ही इनकी लंबाई बढऩे लगती है और नमी के कम होते ही लंबाई घटने लगती है। हेयर हाइग्रोग्राफ मशीन में लगा महिला का बाल वातावरण में नमी घटने पर कसने लगता है।
जिससे सेंसर में जुड़ी आर्म खिंचने लगती है और क्लॉक ड्रम से जुड़ा उसका दूसरा सिरा ऊपर की ओर उठने लगता है। ऐसे ही नमी बढऩे पर सेंसर से जुड़ी आर्म ढीली पढऩे लगती है और क्लॉक ड्रम से जुड़ा दूसरा सिरा नीचे की ओर आने लगता है। इस सिरे पर अमिट स्याही का इस्तेमाल किया जाता है जो आर्म की हरकत को ग्राफ पर दर्ज करता है। जिसकी गणना करके वातावरण में आद्र्रता का सटीक आकलन किया जाता है।
बालों की कमी ने बढ़ाई मुश्किल
भाटिया बताते हैं कि हेयर हाइग्रोग्राफ मशीन में प्राकृतिक बाल का ही इस्तेमाल किया जाता है, जो पुणे की वेधशाला से मिलते हैं। सौंदर्य प्रसाधनों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण आज के दौर में ऐसे बाल मिलना बेहद मुश्किल हो चुका है। कुछ समय तक बालों को ऑयल फ्री बनाकर मशीन चलाई, लेकिन फिलहाल बालों की सप्लाई नहीं मिलने से मशीन बंद पड़ी है।
कैसे काम करती है मशीन
छोटे से डब्बेनुमा हेयर हाइग्रोग्राफ मशीन में सिर्फ दो हिस्से होते हैं। बाहरी हिस्से में धातु का सेंसर लगा होता है। सेंसर के एक सिरे में महिलाओं के 8 से 10 इंच लंबे बाल को बांधकर दूसरे सिरे के बीच से निकालकर बाल को निर्धारित वजन के साथ बांध कर लटका दिया जाता है। सेंसर के जिस हिस्से से बाल बंधा होता है, उससे धातु की एक आर्म (डंडी) जोड़ दी जाती है। मशीन के दूसरे हिस्से में एक खड़ा गोल डब्बा (क्लॉक ड्रम) लगाया जाता है। जिसे चाबी भरकर इस तरह घुमाया जाता है कि एक चक्कर चौबीस घंटे में पूरा करता है। क्लॉक ड्रम के ऊपर एक ग्राफिक चार्ट चिपकाया जाता है।
Published on:
26 Mar 2018, 10:45 AM IST
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