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हाड़ौती में लगातार 11 घंटे से झमाझम बारिश, कोटा की सड़कों पर 3 फीट पानी, बारां में बाढ़ जैसे हालात, जनजीवन अस्त-व्यस्त
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हाड़ौती में लगातार 11 घंटे से झमाझम बारिश, कोटा की सड़कों पर 3 फीट पानी, बारां में बाढ़ जैसे हालात, जनजीवन अस्त-व्यस्त

Heavy rain, Rivers overflow, flood in kota Division: हाड़ौती में शनिवार रात 1 बजे से झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ जो रविवार तड़के तक जारी रहा।  
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कोटा

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Zuber Khan

•

Jul 28, 2019

कोटा. हाड़ौती में शनिवार रात 1 बजे से झमाझम बारिश ( Heavy Rain ) का दौर शुरू हुआ जो रविवार सुबह 11 बजे तक जारी रहा। बादलों की गर्जना के साथ कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होती रही। सुबह लोगों की नींद खुली तो चारों ओर पानी ही पानी दिखाई दिया। सड़कों पर 3 फीट पानी रहा। वहीं शहर की कई कॉलोनियां तालाब में तब्दील हो गई।

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शनिवार को पांचवे दिन भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। नदी-नाले उफन गए। इन्द्रदेव ऐसे मेहरबान हुए कि हाड़ौती की पांच बड़ी नदियां उफन गई। दर्जनों गांव टापू बन गए। हवा के साथ तेज बारिश होने से कोटा जिले की चम्बल, ( chambal river kota ) पार्वती ( parvati river ) व बूंदी जिले की घोड़ा पछाड़ नदियां उफन गई। ( ghoda pachad river Bundi ) इससे खातौली-श्योपुर, इटावा-सवाईमाधोपुर मार्ग, नमाना-बरूंधन, श्यामू-नमाना व बूंदी-नमाना मार्ग बंद रहे।

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कोटा शहर में शुक्रवार देर रात 2 बजे से शुरू हुआ तेज बारिश का दौर शनिवार दोपहर 12 बजे तक चला। इसके बाद फिर से रात 2 बजे से बारिश की झड़ी लग गई। जवाहर सागर बांध में पानी की जबरदस्त आवक से चम्बल नदी में उफान आ गया। रात तक कोटा बैराज के पांच गेट तीन-तीन फीट खोलकर 18690 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। वहीं, तेज बारिश से साजीदेड़ा व भंवरकुंज पर चादर चल पड़ी। गेपरनाथ नाले पर उफान से प्रशासन ने धार्मिक स्थल गेपरनाथ पर श्रद्धालुओं का आवागमन बंद कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, बीते साढ़े 20 घंटे में कोटा में तीन इंच से अधिक बारिश हुई।

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जिले में मोड़क, सुल्तानपुर, रामगंजमंडी में तेज बारिश हुई। चेचट में तेज बारिश से ताकली नदी में पानी की आवक हुई। सांगोद व इटावा में भी रिमझिम बारिश शुरू हुई। पार्वती पुल पर पानी होने से खातौली-श्योपुर मार्ग शनिवार को दूसरे दिन भी बंद रहा। चंबल नदी पर स्थित झरेल के पुल पर पानी होने से इटावा- सवाईमाधोपुर मार्ग भी बंद चल रहा है। रावतभाटा में कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हुई। इससे पाड़ाझर के नाले में उफान आ गया।

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बारां में दर्जनों गांव बने टापू

बारां जिले में चौथे दिन शनिवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। जिले में सुबह आठ बजे तक बीते चौबीस घंटों में सर्वाधिक 62 मिमी बारिश अटरू उपखंड मुख्यालय पर दर्ज की गई। छबड़ा में 50, किशनगंज में 60 व शाहाबाद उपखंड मुख्यालय पर 59 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में पार्वती पिकअप वियर पर एक फीट, परवन पिकअप वियर (शेरगढ़) डेढ़ फीट, उम्मेदसागर पर आधा फीट व रातई तालाब पर एक फीट की चादर चली। किशनगंज क्षेत्र में रामगढ़ के निकट पार्वती नदी की पुलिया के ऊपर से पानी का बहाव होने से एक दर्जन से अधिक गांवों का रास्ता कट गया। केलवाड़ा क्षेत्र में भैंसासुर नदी, समरानियां की खाड़ी व शाहाबाद क्षेत्र की पलकों, सिरसा नदियों समेत कई नालों में उफान के चलते दर्जनों गांव टापू बने हुए हैं।

झालावाड़ में पेड़ गिरा
उधर, झालावाड़ जिले में रुक रुक कर बरसात होती रही। सोजपुर के राआउमावि में तेज हवा के चलते पेड़ गिर गया, नीचे कोई नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। पचपहाड़ में सर्वाधिक 63 एमएम, गंगधार में 50 व खानपुर में 53 वर्षा रिकार्ड की गई।