
BIG NEWS: लाठियां लेकर बजरी माफिया के पीछे पड़े ग्रामीण, दूर-दूर तक दौड़ाया
मोईकलां. परवन नदी में पानी कम होते ही अवैध बजरी माफिया सक्रिय हैं। दिनभर मजदूरों से चार सौ रुपए प्रति ट्रॉली में बजरी खनन कराई जा रही, रात में इसी बजरी को 3 हजार रुपए तक में बेचा जा रहा। नदी से रोज 30 ट्रॉली तक अवैध बजरी खनन हो रहा है। खनिज विभाग के ध्यान न देने पर चौकी गांव के ग्रामीण बुधवार को बड़ी संख्या में हाथों में लाठियां लेकर नदी पर पहुंचे और वहां खनन कर रहे माफिया को खदेड़ा तो मौके पर मिले मजदूरों ने काली कमाई की कहानी बयां की। इस मौके पर लोगों ने खनिज विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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नदी में लगातार हो रहे अवैध खनन और खनिज विभाग व पुलिस में शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने परेशान चौकी गांव के दो दर्जन से ज्यादा लोग बुधवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे नदी में पहुंचे। मौके पर खनन करा रहे माफिया को खदेड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनिज विभाग के अधिकारी हर दिन कर्मचारियों को परवन नदी में भेजते हैं। कर्मचारी अवैध खनन रूकवाने के बजाय दिनभर नदी में बैठकर कर्मचारी यह देखते हैं कि किस ठेकेदार ने कितनी बजरी का स्टॉक कराया है। सारी बजरी रात के समय नदी से बाहर निकाल दी जाती है। बजरी माफिया रात के समय या तो मांग के अनुसार सीधा गांवों में बजरी भेज देते हैं या फिर स्टॉक में खाली कर देते हैं।
मौके पर मिले मजदूरों ने पत्रिका संवाददाता को बताया कि उनको एक ट्रॉली बजरी निकालने व भरने की एवज में 4 सौ रुपए दिए जाते हैं। जबकि इसी बजरी को ठेकेदार 3 हजार रुपए में बेचता है। मजदूरों ने बताया कि कभी-कभी पुलिस भी आती है पर यहां इधर-उधर देखकर लौट जाती है। चौकी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि आपराधिक तत्वों के सामने कोई कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर पाता।
हर रात 30 ट्रॉली बजरी का परिवहन
मजदूरों ने बताया कि अलग-अलग समूह में ये लोग बजरी निकालते हैं। सभी मजदूर करीब 30 ट्रॉली बजरी रोज निकालते हैं। रात में पूरी बजरी की यहां से निकासी होने के बाद अगले दिन से फिर वही काम शुरू हो जाता है।
बपावर परवन नदी की सीमा अटरू, बारां व सांगोद तहसील में आती है। ऐसे में अवैध बजरी खनन करने वाले इसी बात का फायदा उठाते हैं। अवैध खनन को लेकर चौकी गांव से लोगों की शिकायत मिली है। निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
गंगाधर, फोरमैन, खनिज विभाग रामगंजमंडी
Published on:
09 Jan 2019 09:00 pm
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