
हे भगवान! कोटा मेडिकल हॉस्पिटल ने प्रसव पीड़ा से तड़पती प्रसूता को 13 किमी दौडाया, स्टाफ बोला-यहां क्यों आए, घर जाओ
कोटा. नए अस्पताल ( kota New Medical Hospital ) के गायनिक विभाग में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया। परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ पर गर्भवती महिला ( Pregnant woman ) का प्रसव ( Delivery ) नहीं करने का आरोप लगाया है। कई मिन्नतों के बाद भी जब मना कर दिया गया तो मजबूर परिजनों ने महिला को जेके लोन अस्पताल ( JK Lone Hospital ) में भर्ती कराया, जहां महिला ने बच्ची को जन्म दिया। मामले में स्टाफ के तीन लोगों को नोटिस जारी किया गया है।
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दरअसल, वाकया यह है कि अनंतपुरा निवासी पूजा का 9 माह से नए अस्पताल में ही इलाज चल रहा था। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन तड़के पूजा को लेकर नए अस्पताल पहुंचे, लेकिन स्टाफ ने व्यवस्था नहीं होने का हवाला देते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। पूजा की ननद गिरिजा ने बताया कि अस्पताल में स्टाफ ने कहा कि हम केस नहीं झेल सकते। यहां कोई व्यवस्था नहीं है, तब हमने कहां कि हमारे पास भी कोई व्यवस्था नहीं है, हम गरीब हैं। किसी भी तरह डिलीवरी करवा दो...। कई बार गिड़गिड़ाने और मिन्नतें करने पर भी स्टाफ ने कहा कि बेड की व्यवस्था नहीं है। यहां क्यों आए, घर पर जाओ। यदि प्रसव करवाना है तो खुद का बिस्तर लेकर आओ। बच्चे को कुछ हो गया तो हमारी जिम्मेदारी नहीं है।
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परेशान परिजन अलसुबह करीब 4 बजे पूजा को लेकर जेके लोन अस्पताल पहुंचे। वहां ऑपरेशन से पूजा ने बच्ची को जन्म दिया। पूजा के परिजनों ने अस्पताल पर आरोप लगाते हुए कहा कि इतना बड़ा अस्पताल होने के बाद भी वहां सुनवाई नहीं होती। देर रात भी एक अन्य महिला को अस्पताल के गेट पर प्रसव हुआ। बाद में आनन-फानन में उसे वार्ड में भर्ती किया गया।
यह कहना है जिम्मेदारों का
मामला मेरे प्रसंज्ञान में आया था। स्टाफ को बुलाकर पता किया। मरीज व उनके परिजनों से सही तरीके से व्यवहार
नहीं करने पर स्टाफ के तीन लोगों को
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नोटिस जारी किया है।
डॉ. बीएल पाटीदार, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
दिल्ली में कॉन्फ्रेंस में हूं। मामला मेरी जानकारी में आया है। गायनिक वार्ड में संसाधन व व्यवस्थाओं के अभाव के चलते आने वाले मरीज को जेके लोन अस्पताल जाने के लिए कहना पड़ रहा है। हालांकि गंभीर मरीजों का अस्पताल में ही उपचार किया जाता है। बेड की संख्या बढ़ेगी तो मरीजों को राहत मिलेगी।
डॉ. चंद्रशेखर सुशील, अधीक्षक, नए अस्पताल
Published on:
19 Oct 2019, 12:34 PM IST
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