27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Big Impact : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से अब कोटा में भी जल्द साकार होगा रिंग रोड का सपना

-लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से कोटा को मिली बड़ी सौगात -31 माइनर ब्रिज बनेंगे - नॉर्दन बाइपास के द्वितीय चरण के निर्माण के लिए 317.74 करोड़ की मिली स्वीकृति -राजस्थान पत्रिका ने उठाया था रिंग रोड का मुद्दा

3 min read
Google source verification
Big Impact : अब कोटा में भी जल्द साकार होगा रिंग रोड का सपना

Big Impact : अब कोटा में भी जल्द साकार होगा रिंग रोड का सपना

कोटा.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Lok Sabha Speaker Om Birla ) के प्रयासों से कोटा में रिंग रोड का सपना पूरा होने की बड़ी सौगात मिली है। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने कोटा नॉदर्न बाइपास के फेज-2 के लिए 317.74 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इसके निर्माण के बाद कोटावासियों की रिंग रोड की बरसों पुरानी मांग पूरी हो जाएगी।


ज्ञात है कि राजस्थान पत्रिका ने कोटा में अधूरे बाइपास के निर्माण को पूरा करवाकर रिंग रोड बनाने के लिए मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। पत्रिका में मुद्दा उठने के बाद रिंग रोड का मुद्दा कोटा का आवाज बन गया। हर तरफ से रिंग रोड का सपना पूरा करने की मांग उठने लगी।


31 माइनर ब्रिज बनेंगे-
कोटा में रिंग रोड के रूप में नार्थन बाइपास पर गामछ से प्रारंभ होकर बल्लोप तक जाने वाले फेज-2 मार्ग की लंबाई करीब 12 किमी होगी। इसमें 31 माइनर ब्रिज होंगे। जिनसे रास्ते में आने वाले मेजर तथा माइनर ड्रेन को कवर किया जाएगा। इन माइनर ब्रिज की लंबाई 6 मीटर से 25 मीटर की होगी। कोटा रिंग रोड में साउथर्न बाइपास का काम पूरा हो चुका है, जबकि नॉदर्न बाइपास में फेज-1 में 2.1 किमी का काम बाकी है। इसके बाद से फेज-2 प्रारंभ होगा। जिसकी शुरुआत गामछ में वेहीक्युलर अंडरपास से होगी। वेहीक्युलर अंडरपास के जरिए वर्तमान रोड के ऊपर फेज-2 का एलीवेटड रोड बनाया जाएगा। फेज-2 बल्लोप पर जाकर समाप्त होगा और कुल 72 किमी लंबे रिंग रोड को पूरा कर देगा।


ऐसे घटेगी जयपुर-बारां की दूरी-
कोटा में नॉदर्न बाइपास पूरा होने के बाद जयपुर रोड से बारां की दूरी 18 किमी कम हो जाएगी। वर्तमान में वाहनों को कोटा शहर से गुजरना होता है। जिससे लम्बी दूरी तय करनी पड़ती है। रिंग रोड बनने से जयपुर रोड से वाहन सीधे झालीपुरा बारां रोड पहुंच जाएंगे। इससे जयपुर रोड से बारां रोड की दूरी घट जाएगी।

यूआईटी को मिली फेज-1 की मुआवजा राशि-
लोकसभा अध्यक्ष बिरला के प्रयासों से नॉदर्न बाइपास के फेज-1 में शेष बचे 2.1 किमी का विवाद भी हल हो गया है। किसानों की मुआवजा राशि को लेकर जो आपत्ति थी, उसे स्पीकर बिरला ने दूर करवा दिया है। किसानों को मिलने वाली 11 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि एनएचएआई ने यूआईटी के खाते में जमा करवा दी है। न्यास अब इसे किसानों को वितरित करने के बाद लंबे समय से बाकी चल रहे 2.1 किमी हिस्से का काम प्रारंभ करवाएगा।

317.74 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत

राज्य के तीसरे बड़े शहर कोटा ने बीते दो दशक में तीव्र गति से विस्तार की ओर कदम बढ़ाए हैं, लेकिन रिंग रोड का सपना सालों से अधूरा है। राजस्थान पत्रिका ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस पर संज्ञान लिया और कोटा में नॉर्दन बाइपास के दूसरे चरण के लिए 317.74 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर दी है। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है। अब कोटा में रिंग रोड का सपना जल्द पूरा होगा।

नॉर्दन बाइपास पर बारां रोड बाइपास झालीपुरा से जयपुर रोड बाइपास बल्लोप तक 26 किलोमीटर तक टू लेन की जानी है। न्यास की जिम्मेदारी में प्रथम चरण में 125 करोड़ की लागत से झालीपुरा से गामछ तक टू-लेन बननी है। जिसकी लम्बाई 14 किलोमीटर है। न्यास की ओर से 85 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया। अब 15 प्रतिशत यानि 2.1 किलोमीटर सड़क बनना शेष है। पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी में द्वितीय चरण में गामछ से बल्लोप तक 12 किलोमीटर लम्बाई की टू-लेन बाइपास बनाना प्रस्तावित है। यह कार्य पूरा होने पर कोटा को रिंग रोड मिल जाएगी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों की गत गुरुवार को हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद सहमति दे दी गई। बैठक में कोटा एनएच खंड के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार अग्रवाल ने भी भाग लिया।

कोटा में ट्रेफिक का दबाव होगा कम-
नाॅदर्न बायपास का निर्माण पूरा होने के बाद कोटा में यातायात का दबाव भी कम होगा। अभी रिंग रोड पूरा नहीं होने के कारण एक छोर से दूसरे छोर की ओर जाने वाले वाहन कोटा शहर के बीच से होकर गुजरते हैं। लेकिन निर्माण के बाद यह वाहन शहर में प्रवेश किए बिना ही आगे निकल जाएंगे।

रिंग रोड बनेगी तो यह मिलेगी राहत

- जयपुर की ओर से बारां बाइपास जाने वाले वाहनों को कोटा शहर से गुजरना नहीं पड़ेगा।

- बारां, अंता, सांगोद, इटावा से आने वाले वाहन भी बिना शहर से गुजरे सीधे जयपुर बाइपास व बूंदी रोड बल्लोप जा सकेंगे।

- कोटा शहर को भारी वाहनों के प्रवेश की परेशानी से निजात मिलेगी।

- कोटा में वाहनों का दबाव कम होने से प्रदूषण कम होगा।

- कोटा की अन्य शहरों से कनेक्टिविटी सुगम होगी।

राजस्थान पत्रिका ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया-

संबंधित खबरें