
कोटा . स्थायी लोक अदालत ने यातायात और परिवहन विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि वे ऑटो चालकों को पाबंद करें कि ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चों को स्कूल नहीं लाया ले जाया जाए। समय-समय पर उनकी आकस्मिक चैकिंग की जाकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। पंजीयन की शर्तों का उल्लंघन होने पर चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अदालत ने यह आदेश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी अजीज मोहम्मद की ओर से पेश जनहित याचिका को स्वीकार कर दिए।
अजीज मोहम्मद ने गत वर्ष पुलिस अधीक्षक शहर, यातायात उप अधीक्षक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी(माध्यमिक) व जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) के खिलाफ जनहित याचिका पेश की थी।
जिसमें कहा था कि ऑटो में बच्चों को स्कूल ले जाते और लाते समय क्षमता से अधिक ठूस-ठूस कर भरा जाता है। जिससे बच्चे सही ढंग से बैठक भी नहीं पाते। तेज गति से वाहन चलाने पर कई बार दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। ऑटो चालक यातायात नियमों की पालना तक नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अधिकािरयों को निर्देशित किया जाए कि वे नियमों की पालना करवाएं।
इस संबंध में जारी नोटिस पर सभी पक्षों की ओर से अदालत में जवाब पेश किए गए। जिसमें कहा गया कि समय-समय पर सभी विभागों की ओर से कार्यवाही की जाती है। परिवहन विभाग ने बताया कि वर्ष 2015-16 में 17 वाहनों और 2016-17 में 37 वाहनों की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर 35540 रुपए का जुर्माना वसूला गया।
सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आदेश दिया कि जिन ऑटो के लाइसेंस जारी किए गए हैं उनका पूर्ण रूप से फिटनेस किया जाए। ऑटो में ड्राइविंग लाइसेंस धारी चालकों को ही रखा जाए।
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इधर, नहीं हो रही नियमों की पालना
हालांकि ट्रैफिक व परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर कार्यवाही की जाती होगी लेकिन अभी भी सभी ऑटो चालक नियम शर्तों की पालना नहीं कर रहे हैं। सुबह स्कूल जाते और छुट्टी के समय शहर के सभी क्षेत्रों में आज भी ऐसे नजारे देखे जा सकते हैं जब ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चों को भरकर लाया ले जाया जा रहा है।
Published on:
12 Apr 2018 04:14 pm
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