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लोकसभा अध्यक्ष ने दूरबीन से देखा 9 दिन से टापू बना बालापुरा गांव का हाल, उफनती चंबल की लहरों के बीच फंसे 400 लोग
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लोकसभा अध्यक्ष ने दूरबीन से देखा 9 दिन से टापू बना बालापुरा गांव का हाल, उफनती चंबल की लहरों के बीच फंसे 400 लोग

Heavy Rain, Flood in kota, Lok Sabha Speaker : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चंबल की लहरों से घिरा बालापुरा गांव के हालातों का जायजा लिया।
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कोटा

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Zuber Khan

•

Sep 17, 2019

कोटा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Lok Sabha Speaker Om Birla ) मंगलवार दोपहर को कोटा जिले के सुल्तानपुर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित ( Flood Areas ) इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। बिरला ने सबसे चंबल की उफनती लहरों के बीच घिरा बालापुरा गांव ( Balapura Village ) के हालात देखे। यह गांव 9 दिन से टापू बना हुआ। 400 लोग पानी के बीच फंसे हुए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने चंद्रावला गांव में बालाजी मंदिर के पास खड़े होकर बालापुरा के बाशिंदों को देख उनकी तकलीफों को महसूस किया। उन्होंने फोन पर ग्रामीणों से बात कर कुशलक्षेम पूछी। साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद दूरबीन की सहायता से गांव के हालातों पर नजर बनाए रखी।

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लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बालापुरा गांव गत 9 दिनों से टापू बना है, यहां एसडीआरएफ की टीम से रेस्क्यू कर दवाइयां पहुंचा दी गई है। आगामी समय में यह गांव टापू नहीं बने, इसके प्रयास किए जाएंगे। बाढ़ प्रभावित इलाकों के मुआवजे के लिए राज्य व केंद्र सरकार को पत्र लिखेंगे। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ने अतिवृष्टि व बाढ़ से फसलो में हुए नुकसान का किसानों को उचित मुआवजा दिलवाने के लिए विशेष पैकेज का प्रस्ताव भिजवाने की बात भी कही।

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80 लोगों की तबीयत खराब
गौरतलब है कि सुल्तानपुर. गांधीसागर से पानी छोडऩे पर नदियों में आए उफान से जिले में बाढ़ आ गई। कोटा बैराज से पानी छोड़ा तो सुल्तानपुर क्षेत्र का बालापुरा गांव टापू बन गया। यह गांव 9 दिन से चंबल की उफनती लहरों के बीच घिरा है। 400 ग्रामीण पानी के बीच फंसे हुए हैं। पानी का बहाव इतना तेज है कि यहां प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रहा है। 80 लोग बीमार हो चुके हैं। आठवें दिन एसडीआरएफ टीम की मदद से दो चिकित्सक भेज दवाइयां व मरीजों का इलाज किया गया।

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