
महिला का आरोप, पुलिस व डॉक्टर ने मिलीभगत कर हालत गंभीर होते हुए भी कर दिया डिस्चार्ज
कोटा . सिर पर लोहे का पाइप गिरने से गंभीर घायल हुई कैथून निवासी सफीना बानो को डॉक्टर ने बिना देखे ही एमएलसी में फिट कर दिया। एमएलसी के आधार पर पहले तो महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन बाद में सर्जिकल वार्ड में डॉक्टर्स ने चेक कर उसे वापस भर्ती किया।
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सफीना ने बताया कि 28 मई को वह पति सर्फुद्दीन के साथ कोटा आ रही थी। उनकी बाइक नॉर्दन बाइपास पुलिया के पास पंक्चर हो गई। पति पंक्चर बनाने चले गए, वह बेटे अवेशराजा को लेकर पेड़ की छाव में खड़ी हो गई।
इस दौरान बाइपास का कार्य कर रहे मजदूरों से लोहे का पाइप छूटकर उसके सिर पर गिर गया। घायल होने पर उसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बयान 30 मई को लिए और एमएलसी में फिट बताकर डिस्चार्ज कर दिया गया। जबकि, तब तक सिटी स्कैन रिपोर्ट भी नहीं आई थी।
परिजनों के विरोध के बाद उसे वापस सर्जिकल वार्ड डॉक्टर ने देखा और भर्ती किया। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस व डॉक्टर मिलीभगत कर जल्दी डिस्चार्ज करा रहे हैं, मामले को कमजोर कर रहे हैं, जबकि सिर में 8 टांके लगे हुए हैं, सिटी स्कैन रिपोर्ट में गंभीर चोट आई है।
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कई बार मरीज की सुविधा के लिए तहरीर रिपोर्ट के बिना भी एमएलसी कर देते हैं, आरोप निराधार हैं।
डॉ. अरुण शर्मा, मेडिकल जूरिस्ट
Published on:
1 Jun 2018, 12:12 PM IST
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