
BIG Politics: भरत सिंह की चेतावनी, मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री को बताओ, लोकसभा जीतना है तो इन्हें कोटा से भगाओ
कोटा. लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में सांगोद विधायक भरत सिंह ने भाजपा शासन में जमे अधिकारियों को हटाने की मांग रखी। उन्होंने कहा, जब राज आता है तो हम सोचते हैं राज आ गया, लेकिन यह भ्रम है। अभी कांग्रेस का राज नहीं है, राज अधिकारी चला रहे हैं। यदि लोकसभा चुनाव जीतना है तो कोटा से चुनाव से पहले ऐसे अधिकारियों को हटाएं जो भाजपा और कांग्रेस दोनों की सरकार के समय यहां जमे रहते हैं।
makar sankranti Special: आखिर मकर संक्रांति पर क्यों उड़ाई जाती है पतंग, पढि़ए खास रिपोर्ट
यदि ऐसे सारे अधिकारियों को बदल दिया तो राज बदलने का अहसास होगा और चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में होने की संभावना बढ़ जाएगी। उन्होंने प्रभारी मंत्री प्रतापसिंह खाचारियावास से कहा, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तक यह बात पहुंचाओ कि अधिकारियों को बदलना जरूरी है। यदि ऐसे अधिकारियों को नहीं बदला तो वे कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा को भी साधने का प्रयास करेंगे, क्यों की उन्हें हर हाल में यहां जमे रहना है। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा, जिन अधिकारियों को हटाना है, उनके नाम बताएं और जो भ्रष्टाचार कर रहे हैं, उनकी भी जानकारी दें, उन्हें भी हटाएंगे।
सरकारें बदली, लेकिन ये नहीं बदले
सरकार बदल गई और नए मंत्रिमंडल ने भी शपथ ले ली, लेकिन सरकारी दफ्तरों में अभी भी कार्य ने गति नहीं पकड़ी है। कई अधिकारी तबादला सूची का इंतजार कर रहे हैं, ताकि नई जगह पर नए सिरे से कार्य शुरू किया जा सके। वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं, जिन्हें सरकार बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता। सालों से उनका जिला तक नहीं बदला गया। सरकार किसी भी दल की रही, वे कोटा जिले में ही पदस्थ रहे। कोटा में ऐसे अधिकारी भी हैं जो पिछली कांगे्रस सरकार के कार्यकाल में भी तैनात थे, भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी रहे और फिर कांग्रेस सरकार आई तो अभी भी तैनात हैं।
ये अधिकारी कई सालों से कोटा में जमे
1989 बैच की आरएएस अधिकारी भागवंती जेठवानी 23 अक्टूबर 1996 से कोटा जिले में ही पदस्थ हैं। इस अवधि में वे केवल एक माह के लिए बीकानेर में पदस्थ रही। जेठवानी यहां रसद अधिकारी, कुलसचिव, उप निदेशक स्थानीय निकाय, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास, डीआईजी स्टाम्प, दो बार भूप्रबंध अधिकारी सहित कई पदों पर तैनात रहीं हैं। अभी वे राजस्व अपील अधिकारी हैं। इसी तरह 1989 बैच की ही आरएएस अधिकारी अराधना सक्सेना ने भी सेवाकाल का अधिकांश समय कोटा में ही बिताया है। वे 24 फरवरी 2014 से कोटा में तैनात हैं।
इससे पहले 21 सितम्बर 2002 से 14 अगस्त 2013 तक भी कोटा में तैनात रही। बीच में कुछ समय बूंदी और सवाईमाधोपुर में सेवाएं दी। वे अतिरिक्त विकास आयुक्त, सीएडी के पद पर तैनात हैं। खास बात ये रही कि दोनों अधिकारी सेवाकाल में निर्विवाद रही हैं। इसी तरह नगर निगम में उपायुक्त कृष्णा शुक्ला की पदस्थापना प्रशिक्षु के रूप में 4 जुलाई 2011 को कोटा जिले में हुई। इसके बाद उन्होंने 2 अप्रेल 2012 से यहां नियमित सेवाएं दी। इसके बाद 17 जून 2015 से 11 मई 2016 तक बूंदी जिले के तालेड़ा में एसडीएम रहीं और फिर कोटा जिले में आ गई। तब से अब तक कोटा में ही तैनात हैं। नगर विकास न्यास में उप सचिव दीप्त रामचंद्र मीना 27 फरवरी 2012 से कोटा जिले में ही तैनात हैं। वे कनवास में उप जिला कलक्टर के पद पर भी रहीं। भूप्रबंध अधिकारी सुनीता डागा 16 अक्टूबर 2014 से कोटा जिले में तैनात हैं, वे यहां एडीएम सिटी, एडीएम प्रशासन के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं। नगर विकास न्यास में उप सचिव राजेश डागा 19 मई 2015 से कोटा जिला मुख्यालय पर पदस्थ हैं।
Published on:
14 Jan 2019, 9:00 AM IST
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.