
कोटा .
गुमानपुरा स्थित मल्टीपरपज स्कूल में बिना अनुमति सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के बन रहे हॉस्टल के निर्माण कार्य को मंगलवार को प्रिंसिपल ने रुकवा दिया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सामान्य वर्ग, घूमन्त जाति व देवनारायण योजना के अन्तर्गत 9.90 स्कवायर फीट जमीन पर 50-50 बच्चों की संख्या वाले तीन हॉस्टलों का निर्माण होगा।
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इसके लिए सरकार ने 2 करोड़ 70 लाख रुपए की बजट स्वीकृति जारी की है। नगर विकास न्यास ने एक माह पहले हॉस्टल निर्माण के लिए स्कूल परिसर में शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय के सामने जमीन चिन्हित कर पट्टा जारी कर दिया। यहां हॉस्टल निर्माण कार्य शुरू होना है।
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इसके लिए सामाजिक न्याय विभाग ने ट्यूबवेल खुदाई के लिए बोरवेल मशीनें मंगवाई। मंगलवार को जैसे ही बोरवेल मशीनों ने काम करना शुरू किया। प्रिंसिपल को इसकी सूचना मिली। उन्होंने मौके पर जाकर ठेकेदार से पट्टा व अनुमति मांगी, लेकिन ठेकेदार ने पट्टा व अनुमति नहीं दिखाई। इस पर उन्होंने काम बंद करवा दिया।
मल्टीपरपज स्कूल प्रिंसिपल रुपेश शर्मा ने कहा कि समाज कल्याण की ओर से स्कूल की जमीन पर बिना अनुमति के हॉस्टल निर्माण कार्य करवाया जा रहा था। जब मैंने न्यास का पट्टा व अनुमति मांगी तो देने से मना कर दिया। इस पर कार्य रुकवा दिया।
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग उपनिदेशक राकेश वर्मा ने बताया कि न्यास ने मल्टीपरज स्कूल परिसर में जमीन चिन्हित कर पट्टा जारी किया है। यहां तीन हॉस्टलों का निर्माण कार्य होगा। पट्टा मांग रहे तो दिखाएंगे। प्रिंसिपल ने काम रुकवाया है तो एडीएम से बात करेंगे।
न्यास अध्यक्ष आरके मेहता ने कहा कि मल्टीपरपज स्कूल की जमीन न्यास के अधीन आती है। न्यास ने एक माह पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को हॉस्टल निर्माण के लिए पट्टा जारी किया है। स्कूल प्रशासन के पास जमीन का कोई रिकॉर्ड है तो हमें बता सकते है।
डाइट उपप्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने कहा कि नगर विकास न्यास ने स्कूल के निर्माण के समय जमीन शिक्षा विभाग को स्थानांतरित की थी। यह स्कूल की जमीन है। इस पर शिक्षा विभाग व स्कूल से अनुमति लेना जरूरी है। बिना अनुमति कार्य करना अनुचित है।
Published on:
21 Mar 2018, 3:35 PM IST
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