
सांगोद. यहां सोमवार को राजसी ठाठ-बाठ से निकली बादशाह की सवारी के साथ ही न्हाण अखाड़ा चौधरी पाड़ा के न्हाण का समापन हुआ। पांच दर्जन से अधिक अमीर उमराव एवं किन्नरों के नृत्य ने बरसों पुरानी राजसी संस्कृति को साकार कर दिया। सवारी में इस बार स्वांगों की कमी अखरी। न्हाण के पारम्परिक लोकगीतों की धमक भी डीजे पर बजते आधुनिक संगीत के शोर में दब गई। न्हाण के परम्परागत संगीत बोल शंकर्या रे, नगीनों म्हारों घुम ग्यों रे जैसे लोकगीत सिर्फ बैंडबाजे तक सीमित रहे।
देर शाम साढ़े पांच बजे नावघाट क्षेत्र से शुरू हुई बादशाह की सवारी पुराना बाजार, खाड़ा, गढ़ चौक होते हुए लक्ष्मीनाथ के चौक में पहुंची। बादशाह की सवारी में भी लोगों की भीड़ अधिक रही। नावघाट से खाड़े तक जगह-जगह मकानों व दुकानों की छतें लोगों से ठसाठस भरी नजर आई। आसपास के गांवों के लोग भी न्हाण का लुत्फ लेने सांगोद पहुंचे। जगह-जगह पुलिसकर्मी व्यवस्था को लेकर चाक चौबंद थे। मंगलवार को पड़त यानि अवकाश के बाद बुधवार से न्हाण खाड़ा अखाड़ा चौबे पाड़ा का न्हाण शुरू होगा।
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जीवंत झांकियों को निहारते रहे लोग
बादशाह की सवारी के पूर्व सोमवार तड़के भवानी की सवारी निकाली गई। लुहारों के चौक से शुरू हुई सवारी में बिजली की सजावट एवं फूलों से बने विमानों पर मां ब्रह्माणी, भवानी, बजरंगबली, सरस्वती समेत दो दर्जन से अधिक विभिन्न देवी देवताओं की जीवंत झांकियों को लोग निहारते रहे।
किन्नर से शादी का मंचन
रविवार रातभर यहां लुहारों के चौक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने लोकनृत्यों के साथ अश्लील एवं फूहड़ता से भरे हास्य व्यंग्य के कार्यक्रमों से लोगों को बांधे रखा। देर रात परम्परानुसार चाचा बोहरा की सवारी व किन्नर से शादी के प्रसंग का मंचन किया गया। चाचा बोहरा बने रामबाबू शर्मा ने अपने चुटीलेपूर्ण अंदाज में लोगों का मनोरंजन किया।
Updated on:
6 Mar 2018, 1:01 PM IST
Published on:
6 Mar 2018, 11:50 AM IST
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