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कोटा. वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) का काम काज पूरी तरह पटरी से उतर चुका है। विवि प्रशासन आरएसआईसीटी के प्रमाण पत्र छपवाने के लिए साल भर से टेंडर नहीं करवा सका है।
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जिसके चलते परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 7 लाख से ज्यादा छात्र प्रमाण-पत्र हासिल करने के लिए महीनों से भटक रहे हैं। राजस्थान की सरकारी नौकरियों में कंप्यूटर की आधारभूत योग्यता होना अनिवार्य है। इसके लिए छह महीने में एक बार राजस्थान स्टेट सर्टिफिकेट पद इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आरएससीआईटी) की परीक्षा आयोजित की जाती है। परीक्षा आयोजन, परिणाम घोषित करने और सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी वीएमओयू के पास है। वीएमओयू ने नवंबर 2017, जनवरी 2018 और अप्रेल 2018 की परीक्षाएं कराने के बाद परिणाम वेबसाइट पर तो घोषित कर दिया, लेकिन तीनों परीक्षाओं में शामिल 7 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण-पत्र अभी तक नहीं दिया जा सका है।
साल भर से नहीं टेंडर
आरएससीआईटी सर्टिफिकेट छपवाने के लिए वीएमओयू हर साल टेंडर निकालता है, लेकिन विवि प्रशासन पिछले एक साल से इस काम के लिए टेंडर नहीं निकाल सका। जब छात्रों का दवाब बढ़ा तो बीते दिनों टेंडर प्रक्रिया शुरू तो कर दी गई, लेकिन गति इतनी धीमी है कि अगले एक दो महीने में पूरी होती नहीं दिखाई दे रही। छात्रों को प्रोविजनल सर्टिफिकेट देकर काम चलाया जा रहा है।
आंसर की जारी नहीं
आरएससीआईटी का परिणाम घोषित करने के बाद आंसर की, परिणाम रोकने, परीक्षा रद्द करने और अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पकड़े गए अभ्यर्थियों की सूचना भी पोर्टल पर सार्वजनिक की जाती है। लेकिन, विवि प्रशासन 20 ने दिसंबर 2015 के बाद हुई किसी भी परीक्षा से जुड़ी ये जानकारियां सार्वजनिक नहीं की।
आरएससीआईटी प्रमाण-पत्र के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अभी किसी प्रिंटिंग प्रेस से एग्रीमेंट नहीं हो सका। इसलिए पिछली तीन परीक्षाएं उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट नहीं दिए जा सके।
-प्रो. बी. अरुण कुमार, परीक्षा नियंत्रक, वीएमओयू
Published on:
20 Jun 2018, 7:16 PM IST
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