
खातौली. पार्वती नदी में पानी की आवक होने से खातौली-श्योपुर मार्ग चौथे दिन रविवार को भी बंद रहा। दोपहर तीन बजे तक नदी की पुलिया पर एक फीट पानी होने से मार्ग बहाल होने की संभावना थी लेकिन, शाम 4 बजे अचानक पार्वती नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से शाम 6 बजे तक पुलिया पर 4 फीट पानी आ गया। इससे मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। वहीं, सोमवार दोपहर 12 बजे तक भी पुलिया पर पानी होने से खातौली-श्योपुर मार्ग बंद रहा।
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पुलिया पर सरिए निकले
पानी के तेज बहाव के कारण नदी की पुलिया पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। सरिये नजर आने लगे हैं। हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते। ऐसे में वाहन चालकों व राहगीरों से पुलिया से पानी पूरी तरह से उतर जाने के बाद ही आवागमन करने की समझाइश की जा रही है।
इधर, सूखनी नदी के बहाव में बह गई सड़क
इटावा. क्षेत्र की नदियों में उफान कम होने के बाद बाढ़ का पानी जख्म छोड़ गया। सूखनी नदी पर करवाड़ व डूंगरली के बीच बनी पुलिया से तीन दिन बाद पानी उतरा तो करवाड़ से डूंगरली के बीच जहां पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं इसके समीप लगभग 200 मीटर से अधिक सड़क पानी में बह गई। सड़क बहने के बाद ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया है।
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ग्रामीणों को पानी के बीच से गुजर कर गांव डूंगरली तक पहुंचना पड़ रहा है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गत तीन वर्ष पूर्व पुलिया के स्लैब पानी में बह गए थे। इसी तरह इटावा सूखनी नदी पर बनी पुलिया पर भी उफान आने के बाद पुलिया की अधिकांश रैलिंग टूट गई तथा कई स्थानों से पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे इस मार्ग पर गुजरने वाले भारी वाहन कभी भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं।
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इस संबंध में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जगनलाल मीणा ने बताया कि करवाड़ से डूंगरली के बीच लगभग 200 मीटर सड़क का हिस्सा पुलिया के दोनों ओर से बह गया है। पुलिया के यहां पानी कम होने के बाद ही कार्य शुरू कराया जाएगा। वैकल्पिक रूप से अभी लोगों का फूसोद की ओर से आवागमन हो रहा है।