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कोटा. भ्रष्ट पन्नालाल खनिज विभाग का दफ्तर घर से चलाता था। विभाग में चक्कर लगाकर जब खान मालिक, ठेकेदार व अन्य परेशान हो जाते तो वह उनकी फाइल घर ले आता। इसके बाद वह घर से ही उस फाइल का काम निपटाता और इसके बाद यहीं से इशारा कर देता और रिश्वत ले लेता। इसके लिए विभाग के कर्मचारी व अधिकारी की जरूरत होती, तो उसे घर पर ही बुला लेता था।
बिचौलिया तक नहीं रखा
पन्नालाल इतना लालची था कि उसके रिश्वत लेने के लिए किसी बिचौलिए तक को नहीं रखा था। वह अपने घर पर खुद ही रिश्वत लेता। इसके चलते दिनभर उसके घर लोगों का आना-जाना लगा रहता। खनन विभाग में जाने के बाद काम नहीं होने पर थक-हार कर खान मालिक उसके घर ही पहुंचते।
रिश्वत के रुपयों को छूता नहीं था
पन्नालाल को एसीबी द्वारा धरे जाने का डर रहता था। ऐसे में वह कभी भी रिश्वत की राशि को हाथ नहीं लगाता था। रिश्वत की राशि को वह घर में कहीं रखवा लेता और इसके बाद उन्हें बिना छुए किसी कागज या कपड़े में लपेटकर रख देता।
घर पर हमेशा दर्जन भर लोग
पन्नालाल के घर पर हमेशा दर्जन भर लोग रहते। कुछ व्यक्ति मिठाई व नमकीन की दुकान चलाते, तो कुछ मिठाई बनाने में जुटे रहते। मार्बल स्टॉक पर भी लोग रहते थे। ऐसे में इन लोगों से उन्हें सुरक्षा भी मिलती। इससे पहले अतिक्रमण में मवेशियों की देखभाल के लिए उसके लोग रहते थे।
Published on:
28 Dec 2019, 12:03 PM IST
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