
पैसों का शॉटकर्ट: कच्चे रास्तों का परमिट लेकर पक्की सड़कों पर दौड़ रही निजी बसें, खाली लौट रही रोडवेज
कोटा. गांव और कस्बों के बाशिंदों को परिवहन सुविधा का लाभ देने के लिए खोले गए रूट के परमिट उठाकर निजी बस संचालक शॉर्टकट मारने से भी नहीं चूकते। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में वह ग्रामीण इलाकों में जाते ही नहीं हैं और सीधे पक्की सड़कें पकड़ कर बड़े कस्बों में ही गाडिय़ां चलाते रहते हैं। इतना ही नहीं एक चक्कर का परमिट लेकर निजी बस मालिक दिन में तीन-तीन फेरे लगा रहे हैं। इसके चलते रोडवेज बसों को सवारियां तक नहीं मिल रहीं।
Read More: कोटा में 6 मंजिला कोचिंग हॉस्टल में लगी भीषण आग, जान बचाने को छतों से कूदे बच्चे, कई स्टूडेंट्स चोटिल
निजी बसों के अवैध संचालन का खेल सिर्फ राष्ट्रीयकृत मार्गों पर अवैध संचालन तक ही नहीं सिमटा, बल्कि परिवहन विभाग से गांव और कस्बों के लोगों को परिवहन सुविधा देने के नाम पर परमिट उठाकर निजी बस मालिक, वहां तक अपनी बसें लेकर ही नहीं जाते। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक परिवहन विभाग ने निजी बसों के लिए रामगंजमंडी से सांगोद तक का रूट वाया सुकेत, मशालपुरा, बड़ोदिया और धुलेट होते हुए खोला है, लेकिन इस रूट पर चलने वाली निजी बसें तय इलाके के ग्रामीणों को परिवहन सुविधा देने के बजाय मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में मोडक, दरा और कनवास होकर सांगोद जा रही हैं। इससे इस रूट पर चलने वाली रोडवेज बसों को सवारियां ही नहीं मिल पाती, उन्हें खासा घाटा उठाना पड़ता है और आखिर में बसें बंद भी करनी पड़ रही हैं।
Published on:
5 Oct 2019, 2:50 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.