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शर्मनाक…जेकेलोन अस्पताल में चूहों का राज, लैब से लेकर वार्डों, गलियारों तक धमाचौकड़ी

कोटा जेकेलोन अस्पताल में इन दिनों चूहों का आंतक है। अस्पताल के वार्डों, गलियारों, लैब, जांच संग्रहण केन्द्र, इमरजेंसी तक चूहे धमाचौकड़ी मचाते रहते हैं। रात में चूहे रात में वार्डों में सोते मरीज व परिजनों को काट रहे हैं। पिछले दिनों बूंदी निवासी एक महिला मरीज के पैर की अंगुलियों व अंगूठे को चूहे कुतर गए थे। मरीज दर्द से कराह उठी थी। अस्पताल प्रशासन ने चूहे पकड़ने के लिए पिंजरे भी रखवाए हैं, लेकिन चूहे पकड़ नहीं आ रहे।
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कोटा

•

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Abhishek Gupta

•

Dec 18, 2023

शर्मनाक...जेकेलोन अस्पताल में चूहों का राज, लैब से लेकर वार्डों, गलियारों तक धमाचौकड़ी

शर्मनाक...जेकेलोन अस्पताल में चूहों का राज, लैब से लेकर वार्डों, गलियारों तक धमाचौकड़ी

कोटा जेकेलोन अस्पताल में इन दिनों चूहों का आंतक है। अस्पताल के वार्डों, गलियारों, लैब, जांच संग्रहण केन्द्र, इमरजेंसी तक चूहे धमाचौकड़ी मचाते रहते हैं। रात में चूहे रात में वार्डों में सोते मरीज व परिजनों को काट रहे हैं। पिछले दिनों बूंदी निवासी एक महिला मरीज के पैर की अंगुलियों व अंगूठे को चूहे कुतर गए थे। मरीज दर्द से कराह उठी थी। अस्पताल प्रशासन ने चूहे पकड़ने के लिए पिंजरे भी रखवाए हैं, लेकिन चूहे पकड़ नहीं आ रहे।

अस्पताल में रात को वार्डों में भर्ती मरीजों के पलंग, बोतलों के लगे स्टैंड व लीड तक चढ़कर धमाल मचाते हैं। कई बार ये मरीजों के हाथ-पैरों को काट चुके हैं। इसके चलते मरीजों का प्राथमिक उपचार कराना पड़ता है। बूंदी जिले की एक महिला मरीज पिछले दिनों अस्पताल में भर्ती थी। रात को बेड पर उनके पैरों को चूहों ने कुतर दिया। सुबह परिजनों को पता चलने पर उपचार करवाया।कोटा. जेकेलोन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में विचरण करते चूहे।

इमरजेंसी 151 कमरे के पीछे भरमार
अस्पताल के पुराने भवन में इमरजेंसी 151 कमरे के पीछे चूहों की भरमार है। पत्रिका टीम ने मौके पर जाकर हालात देखे तो चौंकाने वाले मिले। कमरे के पीछे मरीज व परिजन गंदगी कर देते हैं। यहां खाने-पीने की चीजें मिलने के कारण कमरे की दीवार में चूहों ने कई बिल बना रखे हैं। इनमें चूहों की भरमार है। इसके पास ही पुरानी ओपीडी चलती थी। यहां खुला परिसर है। यहां रात में बड़ी तादात में मरीजों के परिजन सोते हैं, लेकिन चूहे इधर से उधर फुदकते रहते हैं, इससे परिजन सो नहीं पाते। कई परिजनों को तो चूहों ने काट भी लिया है।

अस्पताल में चूहों का आतंक है। सीवरेज लाइन से चूहे आ जाते हैं। ठेकेदार को चूहों को पकड़ने के लिए बोल रखा है। उसने पिंजरे भी रखवाए। दवा रखवाई, लेकिन आसपास वाटर कूलरों के पास पानी होने के कारण दवा बेअसर हो रही है।
डॉ. आशुतोष शर्मा, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल