
Re Calling Kota : कोचिंग सिटी की ग्रीन जोन में वापसी के लिए जुटी टीम
सब सुरक्षा उपायों की पालना करेंगे तो जल्द लौट आएगा कोचिंग सिटी का वैभव
कोटा. कोचिंग सिटी(Coaching City) कोटा में कोरोना पॉजिटिव 452 केस पाए गए, लेकिन तेजी से रिकवरी होने के कारण केवल 83 केस ही एक्टिव हैं। ऐसे में जिले की कोरोना कोर टीम नए संक्रमण को रोकने की रणनीति में जुटी है। जिला कलक्ट्रेट में स्मार्ट सिटी कोटा का वॉर रूम संचालित है। यहां से रोज प्लानिंग बनती और उसका क्रियान्वन किया जाता है।
शहर में जब कोरोना संक्रमण शुरू हुआ, तब यहां 55 हजार से ज्यादा कोचिंग विद्यार्थी रह रहे थे, लेकिन प्रभावी रणनीति के चलते किसी बच्चे तक कोरोना को नहीं पहुंचने दिया। विद्यार्थियों के हॉस्टल और कोचिंग क्षेत्र सुरक्षित रहा। कोरोना के बीच ही सभी बच्चों को सुरक्षित घर भी पहुंचा दिया। अब कोटा को ग्रीन जोन में लाने का जतन किया जा रहा है। देश में सबसे ज्यादा शहरी जनसंख्या घनत्व वाला शहर है कोटा। इसके बाद भी दूसरे शहरों की तुलना में कोरोना नियंत्रित है।
ये कदम उठाए
1.क्वारंटाइन सुविधा बढ़ाई
2. लाइव ट्रैकर सिस्टम
3. काउंसलिंग
4. परीक्षण लैब क्षमता बढ़ाई
5. भोजन और राहत के उपाय
6. जिला स्तर पर कोरोना रिलीफ फंड शुरू किया गया
7. सुरक्षित रहा कोचिंग क्षेत्र
कोविड संक्रमण से संघर्ष करते हुए दो माह हो गए। इसमें चिकित्सा विभाग की टीम ने रोगियों को बेहतर उपचार सुविधा और वातावरण उपलब्ध कराया, जिससे रोगी जल्दी रिकवर हो रहे हैं। कोटा जिले में केवल कोटा शहर रेड जोन में है। इसे जल्द ग्रीन जोन में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के सभी नागरिक बचाव उपायों को अपनाकर सहयोग करेंगे तो जल्द ग्रीन जोन में आएंगे। अब एक्टिव केस काफी कम रह गए हैं। कोचिंग एरिया में पूरी तरह सुरक्षित रहा।
ओम कसेरा, जिला कलक्टर
1. 25946 नमूनों की जांच की जा चुकी
2. 452 कोरोना पीडि़त सामने आए
3. 353 हुए रिकवर
4. 264 रोगियों को अस्पताल से छुट्टी
5. 83 एक्टिव केस हैं अभी
Published on:
31 May 2020 07:05 am
