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आरटीयू : बिना अनुमति हुई थी शिक्षकों की पदोन्नति तीसरी कमेटी ने शुरू की विशेष जांच

समिति ने अलग-अलग विभागों के एक्सपर्ट पैनल बुलाकर पड़ताल की, पांच घंटे से अधिक समय तक पदोन्नति के दस्तावेज खंगाले।
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कोटा

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Shailendra Tiwari

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Updated: 11 Apr 2018, 2:34 PM IST

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कोटा .

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में सीएएस (कॅरियर एडवांस स्कीम)-2015 में बिना अनुमति के अपात्र शिक्षकों को पदोन्नत करने के मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित तीसरी कमेटी ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी। कोटा विवि के कुलपति प्रो. पीके दशोरा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय इस कमेटी में तकनीकी शिक्षा विभाग संयुक्त सचिव पुष्पा सत्यानी भी शामिल हैं। समिति ने अलग-अलग विभागों के एक्सपर्ट पैनल बुलाकर पड़ताल की, पांच घंटे से अधिक समय तक पदोन्नति के दस्तावेज खंगाले। कमेटी एक माह में राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।

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पहले भी शिक्षकों ने उठाए थे सवाल
पदोन्नति से वंचित शिक्षक वर्ग ने जांच पर भी सवाल उठाए हैं। इन शिक्षकों का कहना है कि जांच में सहयोग के लिए जो एक्सपर्ट पैनल बुलाए गए, वे आरटीयू के कुलपति प्रो. एनपी कौशिक के पसंदीदा हैं। दूसरे, इन शिक्षकों का कहना है कि जांच कमेटी सदस्यों के साथ प्रो. कौशिक बराबर मौजूद रहे, जबकि वे खुद पदोन्नति चयन समिति के अध्यक्ष थे।

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यह है मामला
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में जुलाई-2015 में कॅरियर एडवांस स्कीम के तहत करीब 40 शिक्षकों को पदोन्नतियां जारी की थी। इसमें उन्हें प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफसर पदों पर पदोन्नतियां दी गई थी। इसमें गड़बड़ी उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने दो बार जांच कमेटियां बदल दी। कुछ शिक्षकों ने इस मामले को एसीबी में भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें एसीबी ने परिवाद दर्ज किया था। तकनीकी शिक्षा विभाग संयुक्त सचिव ने भी आरटीआई में बताया कि पदोन्नतियां बिना अनुमति के जारी की गई थी।

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दो बार बदल चुकी कमेटी
जांच कमेटी दो बार पहले बदल चुकी है। यह एक साल में दो बार हुआ है। गत वर्ष अप्रेल में मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। उसे बदलकर एमडीएम यूनिवर्सिटी अजमेर के कुलपति प्रो. केसी सोडानी को लगाया गया, लेकिन सोडानी को हटाकर तीन माह पहले ही कोटा विवि के कुलपति प्रो. पीके दशोरा को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया।

जांच कमेटी अध्यक्ष प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित कमेटी आरटीयू में सीएएस-2015 के तहत शिक्षकों के प्रमोशन प्रक्रिया की विशेष जांच की गई। इसमें एक्सपर्ट पैनल लगाए गए हैं। प्रमोशन प्रक्रिया में कुछ परिवर्तन हो रहा है तो उसे चिह्नित कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे।

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