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राणा प्रताप सागर: सुरक्षा ऑडिट टीम ने दिए वाहन और मोबाइल को लेकर ये निर्देश

हर तीन साल में यह सुरक्षा ऑडिट की जाती है। गुरुवार सुबह 11 बजे रावतभाटा पहुंची टीम ने सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की।
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कोटा

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Dheetendra Kumar Sharma

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Updated: 19 Jul 2019, 7:00 AM IST

kota

राणा प्रताप सागर बांध के जीरो बैरियर गेट पर बरती जाने वाली सुरक्षा प्रक्रिया की जांच करते अधिकारी।

कोटा/रावतभाटा.

यहां गुरुवार को राणा प्रताप सागर डेम, जल संसाधन विभाग, विद्युत उत्पादन निगम की सुरक्षा ऑडिट टीम ने बांध व पन बिजलीघर की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही जहां कहीं खामी दिखी, सुधार क निर्देश। टीम बांध से गुजरने वाले वाहनों की जांच और इंद्रजगी व्यवस्था से संतुष्ट नहीं दिखी, साथ ही नियंत्रण प्रभारियों को भी मोबाइल को लेकर हिदायत दी।
जानकारी के अनुसार हर तीन साल में यह सुरक्षा ऑडिट की जाती है। गुरुवार सुबह 11 बजे रावतभाटा पहुंची टीम ने सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद पन बिजलीघर के टरबाइन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टरबाइन यूनिट का निरीक्षण किया। बांध के जीरो नम्बर बैरियर गेट पर प्रवेश करने वाले वाहनों के पंजीयन रजिस्टर की जांच की। वाहनों की तिथिवार स्थिति अंकित नहीं किए जाने पर सुरक्षा गार्ड को सुधार के निर्देश दिए। टीम ने बांध के नियंत्रण कक्ष प्रभारी से आपात स्थिति में किए जाने वाले कार्यों के जानकारी ली। बिजली सप्लाई पांवर कक्षों की जांच के बाद टीम ने बांध की सुरक्षा गैलरी का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की।

खुली पोल: बांध के गेटों को ऑपरेट करने के लिए मिलने वाली विद्युत सप्लाई के पावर कक्षों के निरीक्षण को जब दरवाजों खोला गया तो वे बाहर निकल आए। इस पर मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से बदलने की हिदायद दी।

ये दो खास हिदायतें

1. बांध से गुजरने वाले वाहनों की जांच सुरक्षा की अहम कड़ी हैं। इसे सुरक्षा प्रबन्धन का हिस्सा मानते हुए समय की परवाह किए बगैर जांच हो।

2. चम्बल नदी पर समानान्तर बने गांधीसागर, राणा प्रताप सागर व जवाहर सागर के नियंत्रण प्रभारी मोबाइल की जगह वायरलेस का इस्तेमाल कर सम्पर्क में रहें, ताकि आपात स्थिति में परेशानी न हो।

-यह रहे शामिल
टीम में शामिल आईबी अतिरिक्त निदेशक कोटा बीएल मीणा, सीआईडी डीएसपी सुशीला यादव, शरीफ मोहम्मद, बाबूलाल बेसरिया, सुभाष चन्द तथा रावतभाटा डीएसपी रामेश्वर प्रसाद, पन बिजलीघर अधिशासी अभियंता संजय पालीवाल, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता पीसी मेघवाल, सहायक अभियंता हितेश सैनी, सहायक अभियंता हेमंत कुमार सोमानी समेत पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।