
कोटा.
सेमटेल श्रमिकों की शुक्रवार सुबह फैक्ट्री स्थित वक्र्स समिति कार्यालय में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता ग्लास वक्र्स समिति अध्यक्ष मिलन शर्मा ने की। उन्होंने श्रमिकों को अब तक की गई लीगल कार्यवाही से अवगत कराया।
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श्रमिकों ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन अभी भी हठधर्मिता पर कायम है। फैक्ट्री से बेरोजगार किए 1800 श्रमिकों को अभी तक भी बकाया 55 करोड़ का भुगतान नहीं किया, जबकि फैक्ट्री को बंद किए पांच साल हो गए। प्रदेश सरकार के 5 वर्ष पूरे होने को आए, लेकिन अभी तक श्रमिकों को न्याय नहीं मिला। जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर मौन हैं। श्रमिकों ने चेताया कि जब तक बकाया भुगतान नहीं होगा, वह कम्पनी की एक इंच जमीन भी नहीं बेचने देंंगे।
श्रमिक प्रतिनिधि अशोक कुमार, सुरेश शर्मा, राजकुमार गुप्ता, अनवर खान, गजेंद्र, अरविंद एवं दिनेश सेन ने बताया कि सेमटेल की जमीन पर कोचिंग का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। आस-पास की जमीन पर बिल्डरों ने नई-नई आवासीय कालोनियों विकसित कर बेच दी। सेमटेल की 175 बीघा भूमि बेकार पड़ी है। 10 बीघा जमीन भी खुले में नीलाम करवा दी जाए तो श्रमिकों को बकाया भुगतान हो सकता है।
Published on:
13 Jan 2018 02:56 pm
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