
गोठड़ा. बूंदी. धोवड़ा ग्राम पंचायत के मजरा बैरवा की नेत में शुक्रवार दोपहर बाद अचानक आए अंधड़ ( storm ) से एक दर्जन से अधिक घरों के टीनशेड उड़ गए और दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए। बैरवा की नेत गांव में शुक्रवार दोपहर को तेज बारिश के साथ अचानक तेज अंधड़ शुरू हो गया। जिससे राजकीय प्राथमिक विद्यालय के रसोईघर में रखे टीनशेड हवा के साथ उड़कर दूर जा गिरे। विद्यालय परिसर में लगे आधा दर्जन छायादार पेड़ उखड़ कर गिर पड़े। पेडों के गिरने से उनके नीचे बैठे मवेशी भी दब गए। जिन्हें ग्रामीणों की मदद से बचाया गया।
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धोवड़ा सरपंच ममता मीणा ने बताया कि अंधड़ से रामकुवार बैरवा, प्रकाश बैरवा, रामस्वरूप बैरवा, छोटूलाल बैरवा, मोहनलाल बैरवा, हजारी लाल, बनवारीलाल, महावीर बैरवा, शंभूलाल बैरवा, कन्हैयालाल बैरवा एवं महावीर बैरवा के घरों के टीनशेड उड़ गए। वहीं आधा दर्जन पक्के एवं कच्चे घर धराशायी हो गए। विद्युत आपूर्ति के तीन-चार खंभे भी टूटकर गिर गए। जिससे पूरे गांव में बिजली आपूर्ति बंद हो गई।
लाखेरी. कस्बे की बह्मपुरी बस्ती में गुरुवार रात मूसलाधार बरसात में खण्डहर जीर्ण-शीर्ण भवन गिरने से दो आशियाने ध्वस्त हो गए। हादसे में 10 जानें बच गई। हादसे की आशंका से दोनो भवन मालिकों ने रात को कुछ देर पहले ही मकान छोड़ दिए थे। जानकारी के अनुसार रात करीब एक बजे तेज बरसात का दौर शुरू होते ही बड़े जैन मंदिर की गली में स्थित सेवानिवृत पालिका कर्मचारी महेशचंद योगी व प्रेमशंकर शर्मा के परिवारजनों को समीप के खण्डहर भवन से कुछ पत्थर गिरने की आहट सुनाई दी।
पत्थरों की आवाज सुनकर दोनों परिवारों ने रात्रि को ही अपने मकान छोड दिए। देर रात करीब दो बजे महेशचंद के मकान से अड़े दो मंजिला खण्डहर भवन के झरोखे गिरने शुरू हो गए। फिर दीवारें भी गिरने लगी। पत्थरों व पट्टियों ने भूतल पर बने योगी के भवन के 4 कमरों को तहस-नहस कर दिया। कमरों में रखे टीवी, फ्रिज, कूलर, कपड़े आदि मलबे में दब गए। वहीं प्रेमशंकर के मकान की दीवार व पट्टियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे महेशचंद को 10-15 लाख और प्रेमशंकर को 2-3 लाख रुपए का नुकसान है। हादसे के कुछ समय पहले दोनों मकानों में करीब दस जने मौजूद थे। समय रहते मकानों से निकलने से बड़ा हादसा टल गया।